गुना। गुना कांड पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3 मुख्य आरोपियों को मार गिराया है. एक आरोपी मुठभेड़ के दौरान ही मारा गया था. जिसके बाद शाम करीब 6 बजे के करीब दूसरे और शाम 9 बजे के करीब तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने ढ़ेर कर दिया है. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि फरार अन्य 4 आरोपियों की भी तलाश के लिए सर्चिंग पार्टियां अभी जंगल में ही मौजूद हैं. दूसरी तरफ प्रशासन ने भी मामले में 3 मुख्य आरोपियों के घरों को बुलडोजर से तोड़ दिया है. गृहमंत्री ने बताया कि आरोपी आरोन के पास ही पहाड़ियों में छिपे हुए थे. जहां मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया गया है.
गुना के आरोन घटना का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में जंगल में मारा गया है।
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) May 14, 2022
मध्यप्रदेश पुलिस के कर्मचारी और अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। pic.twitter.com/sJFm2XeSd9
आरोन घटना पर जयवर्धन का बयान
जिम्मेदार पद पर हैं वीडी शर्मा, बोलने से पहले अपना सूचना तंत्र मजबूत करें
पुलिसकर्मियों पर हमले की निष्पक्ष जांच हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
गुना। मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने शनिवार रात आरोन क्षेत्र में शिकारियों द्वारा की गई पुलिसकर्मियों की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि घटना बेहद दुखद है और निंदनीय है। यह वारदात सरकार और खुफिया तंत्र की नाकामी है। साथ ही जयवर्धन सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बयान पर भी नाराजगी जताई है।
जयवर्धन सिंह के अनुसार वीडी शर्मा अब युवा मोर्चा नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसलिए उन्हें बोलने से पहले अपना सूचना तंत्र मजबूत करना चाहिए और प्रमाणित तथ्यों को ही मीडिया के सामने रखना चाहिए।
आरोन घटनाक्रम को लेकर जयवर्धन ने कई गंभीर तथ्यों का जिक्र करते हुए बताया है कि उन्हें बेहद विश्वस्त सूत्रों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। हत्याकांड में शामिल आरोपी नौशाद दुर्दांत अपराधी था और रेत का अवैध परिवहन भी करता था। छह माह पहले ही उसकी बजरी की ट्रॉलियां पकड़ी गई थीं, जो आज भी थाने में जब्त होकर खड़ी हैं। इससे पहले भी नौशाद के गांव बिदोरिया के लोग वन और पुलिसकर्मियों पर हमला कर चुके हैं। लेकिन सरकार की नाकामी के चलते विभाग का अमला उसके गांव में घुसने की हिम्मत नहीं कर पाया।
जयवर्धन सिंह के मुताबिक इस तरह की गंभीर आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को पकड़ने के लिए आरोन पुलिस के पांच पुलिसकर्मियों को एक बाइक, थाने के एक वाहन और एक निजी वाहन से निजी ड्राइवरों के साथ भेज दिया गया। जो मौके से भाग आए। यह गंभीर जांच का विषय है। ऐसा करके इन पुलिसकर्मियों की जान को खतरे में डालने का काम किया गया है। इस बात की जांच होना चाहिए कि किन-किन पुलिस अधिकारियों को यह पता था कि पुलिसकर्मी आरोपियों को पकडऩे जा रहे थे। गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अपराधियों को पकडऩे के लिए उन्हें कौन-कौन से हथियार देकर भेजा गया था। क्या पुलिस थाने के रोजनामचे में इस दविश की सूचना दर्ज की गई थी। क्योंकि मौके पर पांच या उससे अधिक अपराधी मौजूद थे, जिनके पास घातक हथियार भी होने की जानकारी मिल रही है। इसलिए आशंका है कि पुलिसकर्मियों की जान को खतरे में डाला गया है। इस संबंध में पूरी जांच निष्पक्ष होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई भी तुरंत की जाना चाहिए।
MP में बेख़ौफ़ बदमाश!!
— KK Mishra (@KKMishraINC) May 14, 2022
मध्यप्रदेश में नहीं रुक रहे पुलिस पर हमले। आज गुना के बाद धार में दबिश देने गई पुलिस टीम पर भी हुआ हमला,तीन पुलिसकर्मी घायल,बदमाशों ने पुलिस के हथियार भी छीने। @ChouhanShivrajजी, @drnarottammisraजी,अब आपसे प्रदेश नहीं संभल रहा है,घर बैठ जाइए @OfficeOfKNath
इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा था
राधौगढ़ किले से लगे गांव के लोग किसके संरक्षण में राधौगढ़ किले से जुड़े हैं ?
इतनी बड़ी संख्या में हथियार का पाया जाना फिर ऐसे दुर्दांत अपराधी पुलिस पर गोलियां बरसाते हैं !
इतने हथियार कहां से आए किसके संरक्षण में आये ?
दिग्विजय सिंह इस बात का जवाब दें कि उनका उन दुर्दांत अपराधियों के साथ क्या संबंध है?
स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है और उनका आरोप है कि राधौगढ़ किले से जुड़े लोग, जिनकी आदत इस प्रकार की हरकत आज से नही लगातार करते आए हैं....
इनको हमेशा हर प्रकार का संरक्षण मिला है....
इसकी जांच होनी चाहिए कि दिग्विजय सिंह जी का आरोपियों से क्या संबंध है ? जांच एजेंसियों को भी इस संबंध में जांच करनी चाहिए!*
विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अपनी ही शिवराज सरकार को घेरने का कोई मौक़ा नही छोड़ रहे है।
— Narendra Saluja (@NarendraSaluja) May 14, 2022
पहले सिवनी कांड पर संगठन का जाँच दल भेज दिया और अब गुना की घटना पर सवाल उठा रहे है कि गाँव में इतने हथियार आये कहाँ से , अपराधियों की इतनी हिम्मत कैसे हुई , यह काम बहुत समय से चल रहा था..आदि…आदि pic.twitter.com/DPpd9bnJjD
शादी की दावत के लिए मारे गए थे हिरण और मोर
मध्यप्रदेश के गुना जिले के अंतर्गत आने वाले आरोन क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद जहां एक ओर सरकार एक्शन मोड में आ गई हैं वहीं दूसरी ओर कई नए खुलासे हुए हैं।
बताया गया है कि पुलिस कर्मियों की जान लेने वाले पेशेवर शिकारी हैं।वह नियमित रूप से शिकार खेलते थे।उनके रसूख बड़े लोगों से हैं।इसलिए उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
कल जो 5 हिरण और एक मोर मारा गया था वह शादी की दावत के लिए थे।आज यह दावत होनी थी।गुना से यह भी पता चला है कि पुलिस ने इन शिकारियों के घर जमीदोज कर दिए हैं।अभी कार्रवाई जारी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि ये शिकारी राजधानी भोपाल तक शिकार का गोश्त पहुंचाते थे।
गुना जिले के आरोन थानाक्षेत्र के मौनवाड़ा के जंगल की घटना भोपाल. गुना जिले के आरोन थानाक्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ में एक एसआइ सहित तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 12.30 बजे आरोन थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि शहरोक गांव की पुलिया से आगे मौनवाड़ा के जंगल में शिकारियों द्वारा ब्लैक बग हिरण और मोर का शिकार किया गया है. इस पर थाने से एसआइ राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीना सहित सात लोग दो चार पहिया और एक बाइक से जंगल की ओर रवाना हुए. इस दौरान पुलिस ने चार मोटरसाइकिल से आए दो-तीन शिकारियों को पकड़ लिया. लेकिन तभी पीछे से आए शिकारियों के अन्य साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसमें तीन पुलिसकर्मियों प्रत्येक को सात से आठ गोलियां लगने से मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य भाग निकले. मुठभेड़ में मौत होने वालों में पुलिसकर्मी राजकुमार जाटव, नीरज भार्गव और संतराम शामिल हैं, जिनका जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम जारी है. वहीं सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से से हिरण, मोर के शव भी बरामद किए हैं. जबकि आरोपित फरार हो गए . इधर, अभी कोई पुलिस अधिकारी ज्यादा कुछ जानकारी देने से बचते नजर आ रहे हैं.