मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में सोमवार 19 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गायन के साथ बैठक प्रारंभ हुई।

कैबिनेट बैठक प्रारंभ होने से पूर्व मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने दो मिनट का मौन धारण कर "आचार्य श्री विद्यासागर जी को श्रद्धांजलि दी।" 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आचार्य श्री का चिंतन राष्ट्र कल्याण के लिए था। वह ऐसी विभूति थे, जिन्होंने अनेक आदर्श स्थापित किए। 

कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास एवं जनता के कल्याण से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिये।

बैठक में उज्जैन व्यापार मेले में 50% टैक्स की छूट दिए जाने का फ़ैसला किया गया। मोटरयान कर में छूट देने का निर्णय कैबिनेट ने लिया।

इंदौर-उज्जैन मार्ग को सिक्स लेन किए जाने का फ़ैसला भी बैठक में किया गया, जो 1700 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होगा। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए ये निर्णय लिया गया।

अलावा इसके मंत्रिपरिषद ने बैठक शुरु होने से पहले सीएम डॉ.मोहन यादव ने पीएम मोदी का आभार जताया सीएम ने कहा, कि “अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर के लिए प्राण प्रतिष्ठा का कार्य हुआ है, जिसके लिए प्रधानमंत्री जी विशेष रूप से बधाई के पात्र हैं। प्रधानमंत्री जी के साथ ही श्री रामचंद्र भूमि न्यास का महती कार्य है। इस नाते न्यास भी बधाई का पात्र है। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि हमारी न्याय व्यवस्था का सभी सम्मान करते हैं। प्राण प्रतिष्ठा का यह कार्य प्रबल इच्छा शक्ति का उदाहरण भी है, जो हमारे सामने आया है।”

सीएम ने आगे कहा, मैं पीएम मोदी को अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में श्री रामलला जी की प्राण प्रतिष्ठा के अनुपम कार्य के लिए बधाई देता हूँ, अभिनन्दन करता हूँ। स्वतंत्रता के पश्चात यह ऐसा बड़ा प्रथम घटनाक्रम है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले के क्रियान्वयन में सभी धर्म के प्रतिनिधियों की सहमति और सामाजिक सद्भाव का एक बड़ा उदाहरण हमारे सामने आया है। मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करती है।

"गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय शीघ्र"

बैठक के पहले सीएम यादव ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर गौमाता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौमाता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौमाता सड़कों पर न दिखें, इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रबंधन से गौमाता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।