मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा लगाए गए आरोपों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कमल नाथ पर भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोप लगाकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
दरअसल, शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 18 साल पुरानी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 200 से अधिक कथित घोटालों की सूची जारी करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ठगराज बताया।
इसके बाद आरोपों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कमल नाथ को खरी-खरी सुनाई है।
उन्होंने कमल नाथ को 'करप्शन नाथ' बताते हुए उनके कार्यकाल के दौरान हुए तमाम कथित घोटालों के मुद्दे को उठाया। प्रदेश अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि कमल नाथ के सत्ता में आने के बाद गरीब लड़कियों की शादी योजना बंद कर दी गई। इसके अलावा किसानों को 0% राशि पर मिलने वाला ब्याज भी बंद कर दिया गया, इतना ही नहीं, कमल नाथ सरकार द्वारा गरीबों के लिए चलाई गई दीनदयाल अंत्योदय योजना को भी बंद करने का आदेश दिया गया।
उन्होंने आगे कहा, कि कमलनाथ ने आज आरोप पत्र जारी किया है तो ग्वालियर में प्रियंका गांधी ने जारी किया था, वो क्या था? दुर्भाग्यजनक है कि करप्शननाथ ने आज आरोप पत्र जारी करके जनता और मीडिया को भ्रमित किया। ये आरोप पत्र नहीं, झूठ पत्र है।
वहीं कमल नाथ के 2023 मॉडल वाले बयान पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों की योजनाएं बंद करने का कमल नाथ 1984 वाला मॉडल हैं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के समर्थक पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि बीजेपी सरकार पर लगे गंभीर और सच्चे आरोपों से बीजेपी नेताओं में खलबली मच गई है।
मध्यप्रदेश में कमल नाथ सरकार के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने रु. 870 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच आर्थिक जांच ब्यूरो द्वारा की जा रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, कमलनाथ सरकार में पूर्व मंत्री इमरती देवी के मना करने के बावजूद सरकार गिरने से 15 दिन पहले 63 करोड़ रुपये का मोबाइल घोटाला किया गया। 2019 में डिंडोरी में हुए 2 करोड़ रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ पर भी सवाल उठाए।
वी डी शर्मा ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में जब प्रदेश संकट में था तब तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने आईफा अवॉर्ड में घोटाला किया था। उद्योगपतियों पर दबाव बनाकर जबरन 44 करोड़ की रकम ब्रिज क्राफ्ट कंपनी को दे दी गई।