भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने अनुसूचित जाति के जाली प्रमाण-पत्र से नौकरी पाने वाले एक उपयंत्री की अपील निरस्त कर दी है।

दरअसल धसान केन कछार सागर में पदस्थ उपयंत्री रविकरण खंगार के जाति प्रमाण-पत्र के मामले में न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निवाड़ी जिला टीकमगढ़ द्वारा गत 24 जनवरी 2020 को निर्णय देकर इस उपयंत्री को 7 वर्ष की सजा एवं 5 हजार रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया था। जल संसाधन विभाग ने भूतलक्षी प्रभाव से इस उपयंत्री को दिये जा रहे जीवन निर्वाह भत्ते की पदच्युत किये जाने की तिथि 20 जनवरी 2020 से वसूली के आदेश जारी कर दिये। 

उपयंत्री ने हाईकोर्ट में अपील की जिस पर 24 फरवरी 2020 को हाईकोर्ट ने उपयंत्री की सजा पर स्थगन प्रदान कर दिया परन्तु दोष सिध्दी यथावत रखी। उपयंत्री ने 15 सितम्बर 2021 को राज्य शासन के समक्ष अपील की, कि उससे जीवन निर्वाह भत्ते की वसूली न की जाये क्योंकि वह यह राशि अपने परिवार के भरण पोषण पर व्यय कर चुका है। परन्तु चूंकि आरोपी ने पात्रता न होने के बावजूद छलपूर्वक अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर शासकीय सेवा हासिल की थी, इसलिये उसकी यह अपील अब निरस्त कर दी गई है।