लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश सरकार एक्शन में नजर आ रही है। मप्र सरकार ने शिवराज सरकार में की गईं निगम, मंडल, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। आदेश जारी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रमुख सचिव, राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि निगम बोर्ड के सभी गैर सरकारी नामांकन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिये गये हैं। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद निगम-मंडलों में दोबारा नियुक्तियां की जाएंगी।
मध्य प्रदेश में निगम मंडल आयोग में शिवराज सरकार ने 46 नियुक्तियां की थीं। जिन्हें सीएम यादव ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। सरकार का यह अहम फैसला एन लोकसभा चुनाव से पहले आया है। बीजेपी संगठन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये नियुक्तियां अब लोकसभा चुनाव के बाद की जाएंगी। निगम मंडल में नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द होने से नेताओं में उथल-पुथल मच गयी। अब तक शिवराज सरकार के कई बड़े अधिकारियों को हटाया जा चुका है। अब अर्धशासकीय पदों पर की गई नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं।
मध्य प्रदेश में यात्राधाम एवं मेला प्राधिकरण, मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन, जन अभियान परिषद, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, गौपालन एवं संवर्धन बोर्ड, सामान्य वर्ग कल्याण आयोग, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम, मध्य प्रदेश खाद्य एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, ऊर्जा विकास निगम प्रदेश की शिवराज सरकार ने संत रविदास मध्य प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम के पदों पर नेताओं की नियुक्ति की है। मध्य प्रदेश पशुधन विकास निगम, मध्य प्रदेश राज्य बीज विकास निगम, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड, पर्यटन विकास निगम, महिला एवं वित्त एवं विकास निगम, पाठ्यपुस्तक निगम, खनिज विकास निगम, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति, मध्य प्रदेश कौशल एवं विकास निगम नियुक्तियाँ रोजगार सृजन बोर्ड भी बनाये गये।
शिवराज सरकार में इंदौर विकास प्राधिकरण, रतलाम विकास प्राधिकरण, उज्जैन विकास प्राधिकरण, कटनी विकास प्राधिकरण, देवास विकास प्राधिकरण, विकास प्राधिकरण पंचम, भोपाल विकास प्राधिकरण में की गई नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं। इसी तरह राज्य वन विकास निगम, मध्य प्रदेश योग आयोग, राज्य प्रवास श्रमिक आयोग, माध्यमिक शिक्षा मंडल, श्रमिक कल्याण बोर्ड, माटी कला बोर्ड की नियुक्तियां भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।