मप्र में विधानसभा चुनाव के पहले सियासी वार-पलटवार के केंद्र में बिजली फिर आ गई है। कम बरसात पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि प्रदेश में सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। फसलों पर संकट छाया है। वे यह भी कह चुके हैं कि दस रूपये यूनिट पर भी बाजार में बिजली नहीं मिल रही है, जिससे किसानों को आपूर्ति की जा सके। शिवराज ने आज उज्जैन में महाकाल मंदिर में महारुद्राभिषेक अनुष्ठान का शुभारंभ और भगवान महाकाल की पूजाअर्चना के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि लगभग अगस्त माह पूरा सूखा गया है। इसलिये बाबा कृपा करें, वर्षा करें, यदि अच्छी वर्षा हो जाए फसलें बच जाएंगी। 

दरअसल, आज सुबह ही मुख्यमंत्री महाकलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने उज्जैन पहुंच गये थे। वे महारुद्र अनुष्ठान में शामिल हुए तथा महाकाल का पंचामृत पूजन भी किया। महारुद्र अनुष्ठान शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के निर्देशन में हो रहा है। इसमें महाकाल मंदिर के पुजारी और 66 ब्राह्मण नंदी मंडपम में 1331 रुद्र पाठ करेंगे। ये 6 घंटे यानी दोपहर 3 बजे तक चलेगा।

मौसम विभाग बोला- आज भोपाल समेत 21 जिलों में बारिश: इधर मध्यप्रदेश में 11 दिन बाद आज मानसून ब्रेक खत्म होने के आसार दो दिन से बने हुए हैं। बंगाल की खाड़ी से सिस्टम एक्टिव होने से सोमवार को प्रदेश के करीब 21 जिलों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। कल से अधिकांश जिलों में बारिश हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों (अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया ) में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। 6 से 7 सितंबर तक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो सकता है। यह 18 सितंबर तक सक्रिय रहेगा।

अब शिवराज बिजली को झटका दे रहे : नाथ

इधर मप्र कांग्रेस चीफ कमलनाथ ने आज कहा कि 'सीएम शिवराज दुनिया के पहले आदमी हैं जो बिजली को भी झटका दे रहे हैं।' नाथ ने कहा कि जब प्रदेश में सामान्य परिस्थितियां थीं तो मुख्यमंत्री यह कहते नहीं थकते थे कि मध्यप्रदेश में सरप्लस बिजली है और आज जब वाकई बिजली की आवश्यकता है तब शिवराज ने पूरे प्रदेश और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र को बिजली कटौती के अंधकार में झोंक दिया है तथा अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हम बिजली खरीदना चाहते हैं लेकिन बिजली मिल नहीं रही है। 

नाथ ने कहा कि मानसून का पूर्वानुमान अप्रैल से ही आना शुरू हो जाता है। प्रदेश में कम वर्षा होगी इसकी जानकारी कोई सितंबर में नहीं लगी है। लेकिन अब शिवराज आग लगने पर कुआं खोदने का अभिनय कर रहे हैं। बिजली संकट अल्प वर्षा के कारण नहीं बल्कि सरकार की लापरवाही, अक्षमता और अदूरदर्शिता के कारण आया है।