उम्मीदवार तय करने बैठी कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी दो दिन की कवायद के बाद भी बेनतीजा ही रही है, सिर्फ वही नाम मोटे तौर पर तय हो सके हैं, जहां किसी अन्य की दावेदारी नहीं है या जहां मौजूदा विधायक दमखम के साथ डटा हुआ है। मगर ऐसे चुनिंदा नाम ही हैं। इस हालत में कांग्रेस के टिकटों की सूची जल्द जारी होने के आसार फिलहाल नहीं है बल्कि इसके पहले कांग्रेस अपनी जनआक्रोश रैली और इंडिया गठबंधन नेताओं की संयुक्त सभा को कामयाब बनाने की रणनीति पर चल पड़ी है, ताकि जन आक्रोश रैली को पार्टी के टिकट भंवर में फंसे नेताओं के 'आक्रोश' से बेरंग होने से बचाया जा सके।
विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की 'सामूहिक 'बैठक' पहले दिन तो सही ट्रैक पर नजर आई और करीब डेढ सौ सीटों पर नाम की चर्चा भी हो गई लेकिन दूसरे दिन यानि बुधवार को अचानक पैंतरा बदला गया तथा नेताओं से वन टू वन चर्चा का फार्मूला आजमाया गया। कमेटी के चेयरमेन जितेंद्र सिंह, सुरजेवाला और कमलनाथ ने अलग अलग चर्चा शुरू की तो हर नेता अपने समर्थकों के नाम पर जोर देने लगे। इसमें कई ऐसे नाम भी उभरे जो कमलनाथ के सर्वे से अलग हैं। या जिन पर मप्र में हुई बैठकों में चर्चा नहीं हुई।
सूत्रों का यह भी कहना है कि ग्वालियर और भिंड समेत विंध्य के मामलों में दो दिनों की बैठक में कई मतभेद उभर आए हैं और यह टिकट वितरण में गतिरोध का कारण भी बनेंगे। बताते हैं कि पूर्व पीसीसी चीफ अरूण यादव व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने अपने जिले में कुछ नाम सुझाए हैं लेकिन इसके लिये भी उन्हें 'संघर्ष' करना पड़ रहा है। दिग्विजय सिंह व अजय सिंह की भी अलग राय हैं। सूत्रों की मानें तो एक वरिष्ठ नेता ने तो यह सुझाव दिया है कि यदि किसी नेता का किसी क्षेत्र पर प्रभाव है तो उसकी राय से प्रत्याशी तय हो।
अलग-अलग नामों से लंबी खिंचेगी प्रक्रिया
जानकार सूत्रो का कहना है कि मप्र कांग्रेस चीफ कमलनाथ अपने सर्वे में आए नामों को लेकर बहुत आश्वस्त हैं और वे इसी आधार पर आगे बढने पर जोर दे रहे हैं। जबकि कांग्रेस वार रूम द्वारा कराए सर्वे को भी स्क्रीनिंग कमेटी चीफ पूरी तवज्जो देना चाहते हैं, दोनों सर्वे में बहुत क्षेत्रों में अलग नाम हैं। इसीलिये अब टिकटों पर विचार के लिये फिर से एक कवायद होगी। इसके बाद इन नामों को केंद्रीय चुनाव समिति के समक्ष रखा जाएगा। उधर सुरजेवाला कह चुके हैं कि यह लंबी प्रक्रिया है और पार्टी हर बिंदु पर मालूमात के बाद इस मामले में अंतिम निर्णय करेगी।