मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रवीन्द्र भवन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, मैं सभी नवनियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं। आज आपके जीवन में एक नई शुरुआत है।

सीएम शिवराज ने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई शुरुआत हो रही है। आज यहां से 925 डॉक्टर अपने-अपने अस्पतालों के लिए रवाना होंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह बहुत ही क्रांतिकारी कदम है। प्रत्येक अनुभाग का अपना-अपना महत्व है। स्वास्थ्य विभाग की दृष्टि से कहा जाता है कि... "पहला सुख निरोगी काया।" अगर शरीर स्वस्थ है तो आप दुनिया का हर काम कर सकते हैं।

सीएम बोले- स्नेह, प्रेम और आत्मीयता ऐसा रसायन है, जो आधी बीमारियों को अपने आप ठीक कर देता है। अत: आप सभी नवनियुक्त चिकित्सक मरीजों पर स्नेह एवं प्यार बरसायें, ताकि वे शीघ्र स्वस्थ हो जायें। हर एक विभाग का अपना महत्व है। अगर स्वास्थ्य विभाग की दृष्टि से देखें, तो कहा गया है... "पहला सुख निरोगी काया" शरीर स्वस्थ है, तो आप दुनिया में हर काम कर सकते हैं। डॉक्टर जान बचाने वाला भगवान है। जनता डॉक्टर को भगवान के बाद दूसरा दर्जा देती है।

मैं सरकार नहीं चलाता, मैं एक परिवार चलाता हूं और यह मेरा आपसे वादा है... आप लोगों की चिंता करें, मैं आपकी चिंता करूंगा।

वर्ष 2003-04 में मध्य प्रदेश का बजट मात्र 23 हजार करोड़ रुपये था। इसे 2012 में हमने 1 लाख करोड़ के पार पहुँचाया। वर्ष 2020-21 में 2 हजार करोड़ हमने क्रॉस किया और इस साल 3 लाख 14 हजार करोड़ का बजट हमने दिया। मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास का आधार खेती है। प्रदेश में 2003-04 में अन्न का जो उत्पादन 159 लाख मीट्रिक टन था, वह अब बढ़कर 619 लाख मीट्रिक टन हो गया है।

सीएम ने गीता का श्लोक पढ़ते हुए कहा, "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" अपना काम मेहनत से करो, बाकी चिंता छोड़ दो... जीवन अर्थपूर्ण होना चाहिए। अपने लिए जिये तो क्या जिये, तू जी ऐ दिल जमाने के लिए। मनुष्य, पशु-पक्षियों तथा पेड़-पौधे; सभी में एक ही चेतना है।

वहीं सनातन की बात करते हुए सीएम शिवराज ने कहा, अपना भारत ही ये कहता है... "प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो" भारत की बड़ी सोच है और यही सनातन सोच है, जिस पर कुछ लोग उंगलियां उठा रहे हैं।