प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सागर के बड़तूमा में ₹100 करोड़ की लागत से बनने वाले संत शिरोमणि रविदास जी के भव्य मंदिर एवं स्मारक के निर्माण कार्य का शनिवार को भूमिपूजन किया। साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन भी किया।

सागर में जनसभा को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संत रविदास जी भारत को जोड़ने वाले, भक्ति का संदेश देने वाले संत थे, उनका भव्य मंदिर बनेगा। यह मंदिर भावी पीढ़ी को उनके जीवन का दर्शन कराएगा। यह सामाजिक समरसता के नए युग की शुरुआत है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं आज सागर की इस धरती से संत शिरोमणि रविदास जी के चरणों में नमन करता हूँ। संत रविदास स्मारक एवं संग्रहालय में भव्यता और दिव्यता होगी। ये दिव्यता रविदास जी की उन शिक्षाओं से आएगी जिन्हें आज इस स्मारक की नींव में जोड़ा गया है।

भूमिपूजन के मौके पर प्रदेश में चल रही समरसता यात्राओं का भी सागर में समापन हुआ। समरसता यात्राओं को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि पाँच समरसता यात्राओं का भी आज सागर की धरती पर समागम हुआ है। ये यात्राएं यहां खत्म नहीं हुई हैं, यहां से सामाजिक समरसता के नए युग की शुरुआत हुई है।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। जानिए पीएम मोदी के समाधान की बड़ी बातें-

-जब हमारी आस्थाओं पर हमले हो रहे थे, हमारी पहचान मिटाने के लिए हम पर पाबंदियां लगाई जा रही थीं। तब रविदास जी ने कहा था - पराधीनता पाप है, जान लेहु रे मीत। रैदास दास पराधीन सौं, कौन करैहै प्रीत।।

-आज देश में दलित और आदिवासी समाज को वो सम्मान मिल रहा है, जिसके ये हकदार थे। आज देश "सबका साथ, सबका विकास, साथ विश्वास और सबका प्रयास" संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

-आज देश के दलित, पिछड़ा और आदिवासियों को उचित सम्मान और नए अवसर मिल रहे है। ना ये समाज कमजोर है और ना इनका इतिहास कमजोर है।इस समाज ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसलिए देश इनकी विरासत को सहेज रहा है।

-हर गरीब के सिर पर छत हो इसलिए प्रधानमंत्री आवास दिये जा रहे हैं। एससी-एसटी समाज के लोग आज अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं, आत्मनिर्भर बन रहे हैं। साथियों सागर की पहचान 400 एकड़ की लाखा बंजारा झील से भी होती है।

-आदिवासियों के बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई, पोषण की व्यवस्था और बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि की योजना शुरु की गई है। युवा आत्मनिर्भर बनें इसलिए मुद्रा लोन योजना शुरु की गई है। मुद्रा योजना में सर्वाधिक लाभार्थी SC-ST समाज के हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और अपने सम्बोधन में कहा कि संत रविदास जी ने कहा था..."ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिलै सबन को अन्न" आज ये देश जानता है कि 80 करोड़ गरीब बहनों-भाइयों के लिए निःशुल्क अन्न की व्यवस्था की है, तो श्रीमान नरेंद्र मोदी जी ने की है। उन्ही के विचारों पर चलकर प्रधानमंत्री जी जनकल्याण के कार्य कर रहे हैं।

सीएम शिवराज ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय हुआ है। प्रधानमंत्री जी ने बुंदेलखंड को 44 हजार करोड़ की केन-बेतवा लिंक परियोजना का उपहार दिया है, इस परियोजना से बुंदलेखंड की 20 लाख एकड़ भूमि सिंचित होगी।