रक्षाबंधन के साथ ही सावन मास का समापन होगा। उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रक्षाबंधन पर्व पर सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी बांधी गई। साथ ही भस्म आरती में सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया। महाकालेश्वर के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू प्रदान कर विदा किया गया।
परंपरा अनुसार बाबा महाकाल भस्म आरती के दौरान पूजा अर्चना कर राखी बांधी गई। राखी के साथ विशेष प्रकार के वस्त्र आदि तैयार किए जाते हैं। भस्म आरती के दौरान विशाल राखी भगवान महाकाल को अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के बाद रक्षा-बंधन पर्व पर वितरित किये जाने वाले लड्डुओं के निर्माण का अवलोकन किया था। रक्षाबंधन के लिए सवा लाख लड्डुओं का निर्माण किया जा रहा था।
गौरतलब है कि भगवान महाकाल को तीनों लोगों का राजा माना जाता है, इसलिए सबसे पहले उनके दरबार से पर्व की शुरुआत होती है। इस परम्परा के तहत ही महाकालेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भगवान् माहाकाल को राखी बाँधने पहुंचती हैं। पुरुष श्रद्धालुओं द्वारा भी भगवान महाकाल को राखी बांधकर परंपरा का निर्वहन किया जाता है।