भोपाल: लंबे समय से आजीविका मिशन में करोड़ों रुपए का गड़बड़झाला करने वाले सेवानिवृत्ति आईएफएस अधिकारी ललित बेलवाल अब कानूनी शिकंजा कसने की संभावना बढ़ गई है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि  तत्कालीन आजीविका मिशन संचालक IFS ललित बेलवाल दोषी थे। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस  के करीबी होने के कारण बेलवाल पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जबकि उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज है।

ये है मामला

बता दें कि आईएएस नेहा मारव्या ने ललित बेलवाल के भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के मामले में जांच रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में उन्होने बेलवाल के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की अनुशंसा की थी। इसके बाद उनका तबादला हुआ था और कहा जा रहा था कि इसी वजह से उनका ट्रांसफर किया गया। चर्चाएं थी कि नेहा मारव्या पर काफी दबाव था लेकिन फिर भी उन्होने जांच रिपोर्ट में बेलवाल के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की अनुशंसा की और यही उनके ट्रांसफर की वजह बनी। इसे लेकर गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में किए गए सवाल के जवाब में सरकार ने स्वीकारा कि ललित बेलवाल दोषी पाए गए हैं। 

प्रहलाद पटेल ने जवाब में कहा कि ‘जांचकर्ता अधिकारी के द्वारा जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दोषी पाया गया। जांचकर्ता अधिकारी द्वारा 3 अधिकारियों एवं एक  कर्मचारी को दोषी पाया गया है। अब जबकि सरकार ने भी मान लिया है कि बेलवाल को जांच रिपोर्ट में दोष पाया गया है, तो देखना होगा कि आगे इस मामले पर क्या कार्रवाई की जाती है?

बताया की ये सत्य बात है कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के हाथ में ज्यादा कुछ नहीं लग पाया है और आजीविका मिशन के माध्यम से मिलने वाली करोड़ों की धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। आजीविका मिशन के भ्रष्ट अफसर मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल पिछले  12 वर्षों यहां कार्यरत हैं और उनके द्वारा आजीविका मिशन एवं आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं का राजनीतिकारण करने का बहुत बड़ा फायदा उन्हें मिला।

यही कारण है कि रिटायरमेंट के बाद भी वो आजीविका मिशन के सीईओ बने रहे। भूपेंद्र प्रजापति ने कहा कि हम उन्हें भ्रष्ट इसलिए भी कह रहे है क्योंकि यह सफेदपोश अफसर और एक अन्य संविदा अधिकारी सुषमा शुक्ला के ऊपर भ्रष्टाचार के एक मामले में आपराधिक धारा 120B, 420, 464, 465, 467, 468, 571, 472 में कार्रवाई प्रस्तावित की गई है और अगर सरकार बदलती है तो इनका जेल जाना तय माना जा रहा है।