टीटी नगर पुलिस ने वन विभाग से रिटायर्ड अधिकारी की शिकायत पर मुंबई के फिल्म निर्माता पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। फिल्म निर्माता पर आरोप है कि उन्होंने फिल्म बनाने का झांसा देकर रिटायर्ड अधिकारी से पचास लाख रुपए ले लिए और फिल्म का निर्माण नहीं किया। 

आरोप है कि निर्माता ने एक करोड़ में बनने वाले फिल्म में पचास लाख रुपए लिए और खुद पचास लाख रुपए खर्च करने का एग्रीमेंट किया था। अनुबंध के तहत लागत आधी-आधी लगानी थी और लाभ भी आधा-आधा रखना था। 

पुलिस के अनुसार दिनेश कुमार दुबे ( 69 ) एमपी एमएलए ( ओल्ड) टीटी, नगर जवाहर चौक में रहते हैं। वे वन विभाग से सेवानिवृत्त हैं। प्रभुराज नायडू ने दिनेश कुमार को बताया कि उनके द्वारा अब तक कई फिल्मों का निर्माण किया जा चुका है। दिनेश ने कहा कि मेरा बेटा मनुराज दुबे कहानी लिखता है और दिनेश ने बेटे द्वारा लिखी गई कहानी प्रभुराज नायडू को बताई थी। 

प्रभुराज नायडू दिनेश और उनके बेटे को बताया कि वह इस कहानी पर एक फिल्म का निर्माण करेगे । फिल्म के निर्माण में कुल एक करोड़ रुपए की लागत आएगी। एक करोड़ में पचास लाख रुपए वह खर्च करेंगे, जबकि पचास लाख रुपए दिनेश कुमार को खर्च करने होंगे। मुनाफा जो भी होगा उसे भी आधा आधा बाट लिया जाएगा। इसके बाद एक अनुबंध बना लिया गया।

दिनेश कुमार ने फिल्म निर्माण के लिए अपने युनियन बैंक आफ इंडिया के खाते से चेक के माध्यम से पहली बार पांच लाख रुपए दिएथे। दूसरी बात 4 नवंबर 2019 को चेक के माध्यम से दौबारा पांच लाख रुपए दिए। इसी प्रकार 15 नवंबर को फिर 10 लाख रुपए दे दिए। दिनेश कुमार कुल पचास लाख रुपए दे चुके थे। दिनेश कुमार और प्रभुराज नायडु की मोबाइल पर एवं वाट्सएप चेट के माध्यम से फिल्म निर्माण को लेकर लगातार बातचीत होती थी। इस दौरान प्रभुराज कहने लगा कि अभी समय अच्छा नही चल रहा है। इसलिये अभी फिल्म निर्माण नहीं किया जा सकता है।