भोपाल: राज्य सरकार ने नगरीय निकायों की वित्तीय शक्तियों में इजाफा किया है। 5 लाख रुपये से अधिक जनसंख्या वाले नगर निगम में निगम आयुक्त को क्रमश: 5 करोड़ रुपये, मेयर को 5 से 10 करोड़ रुपये तक, मेयर इन कौंसिल को 10 से 20 करोड़ रुपये तक तथा नगर निगम सभा को 20 करोड़ रुपये से अधिक व्यय करने की वित्तीय शक्ति रहेगी। 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगर निगम में निगम आयुक्त को 1 करोड़ रुपये, मेयर को 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक, मेयर इन कौंसिल को 5 से 10 करोड़ रुपये तक तथा नगर निगम सभा को 10 करोड़ रुपये से अधिक व्यय करने की वित्तीय शक्ति रहेगी।

इसी प्रकार, नगर पालिका में सीएमओ को 5 लाख रुपये तक, अध्यक्ष को 5 से 10 लाख रुपये तक, प्रेसिडेन्ट इन कौंसिल को 10 लाख से 40 लाख रुपये तक, नगरपालिका सभा को 40 लाख से 5 करोड़ रुपये तक, आयुक्त नगरीय प्रशासन को 5 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक एवं राज्य सरकार को 30 करोड़ रुपये से अधिक व्यय करने की वित्तीय शक्ति होगी। 

नगर परिषदों में सीएमओ को दो लाख रुपये तक, अध्यक्ष को दो से पांच लाख रुपये तक, प्रेसिडेन्ट इन कौंसिल को 5 लाख से 20 लाख रुपये तक, नगर परिषद सभा को 20 लाख से ढाई करोड़ रुपये तक, आयुक्त नगरीय प्रशासन को ढाई करोड़ रुपये से 30 करोड़ रुपये तक एवं राज्य सरकार को 30 करोड़ रुपये से अधिक व्यय करने की वित्तीय शक्ति होगी।