भोपाल: जल संसाधन संभाग पन्ना के अंतर्गत रानीपुर तालाब योजना के निर्माण्रा कार्य में कार्यस्थल एवं माप पुस्तिकाओं का परीक्षण किये बगैर तीन देयकों के माध्यम से ठेकेदार को फर्जी भुगतान करने वाले उपयंत्री आरके उपाध्याय से अब 12 लाख 3 हजार 322 रुपये के स्थान पर मात्र 1 लाख 20 हजार 332 रुपये की वसूली होगी। इस उपयंत्री को दोषी पाते हुये 8 दिसम्बर 2016 को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी तथा उससे फर्जी रुप से भुगतान की गई कुल राशि 36 लाख 9 हजार 968 रुपये में से एक तिहाई भाग यानि 12 लाख 3 हजार 322 रुपये वसूलने के आदेश जारी किये गये थे।
इस दण्ड के विरुध्द उक्त उपयंत्री ने राज्यपाल के समक्ष अपील की थी परन्तु वहां अपील अमान्य हो गई। इसके बाद उपयंत्री ने विभाग के एसीएस के समक्ष पुनर्विचार अपील की जिस पर अब उससे 12 लाख 3 हजार 322 रुपये के स्थान पर मात्र 1 लाख 20 हजार 332 रुपये वसूलने के आदेश जारी कर प्रकरण समाप्त कर दिया गया है।