भोपाल: राज्य के सामाजिक न्याय आयुक्त डा. ई रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे दिव्यांगता के क्षेत्र में सरकार से मान्यता प्राप्त शासकीय एवं अशासकीय सामाजिक संस्थाओं का निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध करायें। साथ ही यह भी कहा है कि प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुये इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये।
जारी निर्देश में कहा गया है कि दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित शासकीय/ अशासकीय संस्थाओं का माह में कम से कम एक बार जिले स्तर पर समिति का गठन कर, निरीक्षण अनिवार्यत: किया जाये तथा निरीक्षण के दौरान इन बिन्दुओं का पालन किया जाये।
- एक, ऐसी संस्था जहां बालिकाएं भी निवसरत हों, उनके निरीक्षण दल में महिला अधिकारी को आवश्यक रूप से सम्मिलित किया जाये।
- दो, मूक बधिर संस्था के निरीक्षण दल में साईन लेंग्वेज एक्सपर्ट अनिवार्यत: रखा जाये।
- तीन, सम्पूर्ण निरीक्षण प्रक्रिया की निरीक्षण दल द्वारा वीडियोग्राफी की जाये, जिसे निरीक्षण प्रतिवेदन के साथ सीडी/डीव्हीडी के रूप में प्रमाणित कर अनिवार्यत: संलग्न किया जाये।
- चार, संस्था में निवासरत बालक/बालिकाओं के अभिभावकों के दूरभाष /मोइबल नम्बर पर उनसे चर्चा की जाकर संस्था में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधा एवं उनके साथ हो रहे व्यवहार से वे संतुष्ट हैं अथवा नहीं, फीडबैक प्राप्त किया जाये।
- पांच, निरीक्षण के दौरान संस्था में पाई गई कमियों एवं उसके सुधार के लिये की जाने वाली कार्यवाहियों को स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण प्रतिवेदन में किया जाये।
- छह, पूर्व निरीक्षण में पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्था द्वारा सुधार कर लिया गया है अथवा नहीं का उल्लेख किया जाये।
- सात, आगामी निरीक्षण दौरान संबंधित संस्था द्वारा कमियों को दूर नहीं किया गया है तो उसकी मान्यता समाप्त करने संबंधी नियमानुसार अनुशंसा की जाये।