मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 सितम्बर सोमवार को जबलपुर पहुंचे थे। चुनावी साल के चलते सीएम आए दिन कई योजनाओं का लोकार्पण, भूमिपूजन और जन सभाएं कर रहे हैं। इसी क्रम में सीएम शिवराज ने आज जबलपुर में चुनावी बिगुल फूंका।

जबलपुर में सीएम शिवराज ने जनजातीय नायक अमर शहीद राजा शंकर शाह जी एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया एवं देश की आजादी के लिए दिए गए उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया।

इस मौके पर बोलते हुए सीएम ने कहा, जबलपुर की इस वीर भूमि को प्रणाम करता हूं। जहां राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ सिंह जी ने जन्म लिया। हम उनके बलिदान को कभी भूल नहीं सकते। ये वो वीर हैं जो हमारी प्रेरणा हैं, इनको देखकर हम देश भक्ति का पाठ सीखते हैं।

सीएम ने आगे कहा, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जी के बलिदान दिवस के अवसर पर हम ये फैसला कर रहे हैं कि जबलपुर के मदनमहल में लगभग ₹100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती का स्मारक बनाया जाएगा। 5 अक्टूबर को रानी दुर्गावती की जयंती पर भूमिपूजन किया जाएगा

जबलपुर में मदन महल स्थित जमीन पर ₹100 करोड़ की लागत से रानी दुर्गावती का स्मारक बनाया जाएगा। 5 अक्टूबर को रानी दुर्गावती जी की 500वीं जयंती के अवसर पर स्मारक का भूमिपूजन किया जाएगा

सीएम बोले, पूजे न गए शहीद तो फिर, यह पंथ कौन अपनाएगा। तोपों के मुंह से कौन अकड़ अपनी छातियां अड़ाएगा। जब तक ये धरती रहेगी, आसमान में चंदा और सूरज रहेंगे, तब तक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जी का बलिदान अमर रहेगा।

घोषणाओं का पिटारा खोलते हुए सीएम शिवराज ने कहा, हमने तय किया है कि मेडिकल की पढ़ाई में सरकारी स्कूलों के बच्चों को 5% सीटें रिजर्व करेंगे। इन सीटों पर सरकारी स्कूल के बच्चों का एडमिशन होगा

सीएम ने आगे कहा, 2 साल पहले मैंने 14 घोषणाएं की थीं। मुझे आज कहते हुए खुशी है कि गरीब और जनजातीय भाई-बहन की जिंदगी बदलने के लिए हमने वो 14 घोषणाएं पूरी कर दी हैं।

मेरी बहनों, उज्ज्वला और लाड़ली बहना योजना की जितनी भी हितग्राही बहनें हैं उन्हें हम गैस का सिलेंडर ₹450 में दे रहे हैं। इसके लिए आवेदन भरना शुरू हो गए हैं, लाड़ली बहना योजना की तरह अपने गांव और शहर के केंद्रों पर ही आवेदन भरे जा रहे हैं।

मेरे बहनों-भाइयो, 5 अक्टूबर को मैं फिर आऊंगा, तब धूमधाम से जन्मोत्सव मनाएंगे, तब तक स्मारक का पूरा प्रारूप बन जाएगा। वीरों के बलिदान को स्मृति में बनाए रखना, यह देशभक्ति और संस्कृति की भावना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

पेसा एक्ट मध्यप्रदेश की धरती पर लागू किया जा चुका है।जनजातीय और गरीबों को जल, जमीन और जंगल का अधिकार हम दे रहे हैं। इस बार कई गांवों में ग्राम सभाओं ने तेंदूपत्ता तोड़ा और मुनाफा कमाया।

मैं सरकार नहीं, मैं परिवार चलाता हूं और परिवार में आप सब हैं, उसी परिवार की चिंता करते हुए हमने कई फैसले लिए हैं।