छिंदवाड़ा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा को लेकर कांग्रेस में ही मतभेद भी सामने आने लगे हैं। कथा के मुख्य यजमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ के बेटे और छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ हैं। कथा प्रारंभ होने से पहले पीसीसी चीफ कमलनाथ ने पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की आरती उतारी थी।
अब इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेरा है। उन्होंने ट्वीट किया कि, 'बीजेपी के स्टार प्रचारक की आरती उन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को शोभा नहीं देती, जिन्होंने आरएसएस के हिंदू राष्ट्र एजेंडे की खुलेआम वकालत करके मुसलमानों पर बुलडोज़र चलाया और संविधान का उल्लंघन किया। आज गांधी की आत्मा रो रही होगी, पंडित नेहरू और भगत सिंह पीड़ा में होंगे, लेकिन धर्मनिरपेक्षता के झंडाबरदार जयराम रमेश, दिग्विजय सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे सब चुप हैं।
प्रमोद कृष्णम के बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अब कमल नाथ को हिंदुओं की ताकत का पता चल गया है।' सोमवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा में गृह मंत्री ने कहा, 'ये विशेषाधिकार प्राप्त और चुनावी हिंदू हैं। वे देश के लिए नहीं, अपने लिए काम करते हैं।
वहीं कमलनाथ ने कहा कि मैंने 12-13 साल पहले हनुमान मंदिर बनवाया था। मैं मंदिर जाता हूं तो बीजेपी के पेट में दर्द होता । बीजेपी ने धर्म की एजेंसी थोड़े ही ले रखी है।