पन्ना की महारानी जीतेश्वरी देवी को जुगल किशोर मंदिर में पूजा के दौरान अभद्र व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।
मध्यप्रदेश के पन्ना के शाही परिवार की सदस्य जीतेश्वरी देवी ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर में जन्माष्टमी पूजा के दौरान शराब के नशे पहुंचीं और वहां मौजूद लोगों के साथ उन्होंने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। जीतेश्वरी देवी ने रात के डेढ़ बजे गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास किया। रोके जाने पर उन्होंने अपशब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद उन्हें वहां घसीटकर मंदिर से बाहर निकाला गया।
ऐतिहासिक जुगल किशोर मंदिर में गुरुवार की देर रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। इस दौरान भगवान जुगल किशोर मंदिर के कपाट खुलते ही पुजारी आरती कर रहे थे। गर्भगृह में चौवर डुला रहे पुजारी से उनका विवाद हो गया। इसके बाद पुजारी से छुड़ाकर वे खुद ही चौवर घुमाने लगीं। और मंदिर के गर्भगृह में घुसने की कोशिश करने लगीं।
इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें गर्भगृह में प्रवेश करने से रोक दिया। विवाद बढ़ने पर वह मंदिर के गर्भगृह में घुस गई और आरती करने लगीं। पुजारी ने उन्हें गर्भगृह से बाहर ने धकेलने की कोशिश की। जिससे वे फर्श पर गिर पड़ीं। इसके बाद लोगों ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें गर्भगृह से बाहर खींच लिया। जीतेश्वरी देवी की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। एक महिला पुलिसकर्मी उन्हें मुख्य मंदिर के बाहर ले गई।
मंदिर समिति ने जितेश्वरी देवी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। धारा 295-ए और 353 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पन्ना राजपरिवार की महारानी जीतेश्वरी को पन्ना पुलिस ने बीच बाजार से सिनेमाई अंदाज में हिरासत में लिया। इससे पहले भी जीतेश्वरी देवी को 2021 में स्टाफ से मारपीट और बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।