भोपाल को गति देने वाली मेट्रो का पहला सेफ्टी ट्रायल सफल रहा है। पहले दिन सोमवार शाम को मेट्रो को करीब 2 किलोमीटर तक दौड़ाया गया। इसके बाद खड़ा कर दिया गया। मंगलवार को भी अलग-अलग चरणों में ट्रायल किया जा रहा है, जो आगे भी चलेगा। इस ट्रायल के बाद फाइनल ट्रायल होगा, जो कि यात्रियों को लेकर चलने वाली मेट्रो के पहले अंतिम ट्रायल होगा। 

मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो को ट्रैक पर अलग-अलग गति सीमा में जांचा गया। इसके लिए इंजीनियरों व तकनीकी दल के लोग थे, जो कि मुंबई और दिल्ली से आए थे। कुछ इंजीनियर इंटीग्रल कोच फैक्टी चेन्नई से भी बुलवाए गए हैं।

30 किमी प्रति घंटे से चलाया गया
पहले दिन मेट्रो को अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया गया। आज मंगलवार को सुबह 10 बजे से ट्रायल शुरू हो गया है। यह ट्रायल सुभाष नगर डिपो से रैंप के जरिए वायडक्ट में शिफ्ट किया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि रैंप से मेट्रो ट्रेन को वायडक्ट में शिफ्ट किया गया है। सेफ्टी ट्रायल के तहत मेट्रो को सुभाष नगर डिपो से रानी कमलापति स्टेशन तक चलाया जाएगा। भोपाल व इंदौर में मेट्रो का संचालन थर्ड रेल तकनीकी से किया जाना है।

ब्रेक लगाने पर मेट्रो पैदा करेगी बिजली
भोपाल व इंदौर में मेट्रो का संचालन थर्ड रेल तकनीकी से किया जाना है। इससे ट्रेन रुकने के दौरान ब्रेक लगाने से जो उर्जा बेकार हो जाती थी, अब उसका भी पुर्नउत्पादन हो पाएगा। जिसे पुन - सिस्टम में भेज दिया जाएगा। इससे भोपाल और इंदौर मेट्रो के संचालन में 40 से 45 फीसदी तक ऊर्जा की बचत होगी। इसके लिए रेलवे ट्रैक पर थर्ड रेल डीसी ट्रैक्सन सिस्टम लगाया गया है।

सितंबर में नहीं, अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगा ट्रायल
मेट्रो का ट्रायल रन पहले सितंबर के अंत तक होना था लेकिन अब यह अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगा। यह तारीख मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों के द्वारा ही बताई गई है क्योंकि ट्रायल रन में समय लग रहा है। इसके पहले की तमाम तैयारियां की जा रही है। भोपाल में ट्रायल की शुरूआत के समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे।