मानसून का आखिरी दौर में भी मप्र समेत बिहार, झारखंड, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में  कई स्थानों पर भारी व कुछ जगह हल्की बारिश के आसार हैं। हालिया दो दौर के बाद मप्र में मानसून का औसत स्तर लगभग छू लिया है। वहीं मौसम विभाग ने पूर्वी भारत में 2 से 3 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की बात कही है। 

इधर सितंबर में आए बारिश के दो दौर से मप्र तरबतर है। इस साल अगस्त सूखा गया। सितंबर में बारिश का पहला दौर आने के पहले तक प्रदेश के 29 जिले सामान्य से कम बारिश की कैटेगरी में थे। अब यह आंकड़ा घटकर 6 जिलों तक सिमट गया है। इस 6 सितंबर को बारिश का पहला दौर आया था। दूसरा दौर 21 सितंबर से शुरू हुआ था। 

मप्र में जून से अब तक 36.75 इंच बारिश हो चुकी है। औसत बारिश का आंकड़ा 36.81 इंच है। इस हिसाब से महज 0.2 प्रतिशत बारिश ही कम है। भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में अभी दो-तीन दिन कहीं हल्की और कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। बंगाल की खाड़ी में मानसूनी सिस्टम बनने की संभावनाओं के चलते 28 सितंबर से बारिश का एक दौर और आ सकता है।