बारिश के कारण धौलपुर और हेतमपुर स्टेशन के बीच ट्रैक के नीचे से मिट्टी बह गई। एक गश्ती अधिकारी ने झाँसी जाने वाली कर्नाटक एक्सप्रेस (बेंगलुरु से दिल्ली) को लाल झंडा दिखाकर रोका जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने के बाद साढ़े चार घंटे तक झांसी-दिल्ली सेक्शन पर रेलवे ट्रेक पर ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। घटना रविवार की है।
दिल्ली से भोपाल जा रही शताब्दी एक्सप्रेस को धौलपुर आउटर पर रोका गया। वंदे भारत, गतिमान, केरल, मंगला, आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी प्रभावित रहीं। ताज एक्सप्रेस और आगरा-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गईं। धौलपुर और मुरैना इलाके में तीन दिन से बारिश हो रही है। जिसके कारण कई जगहों पर पानी भर गया है।
हेतमपुर स्टेशन के KM 1288/28 (स्तंभ संख्या 34/36) के पास, गश्ती अधिकारी राजेंद्र कुमार ने देखा कि पटरियों के नीचे से मिट्टी तेजी से बह गई है। ट्रैक हवा में झूलने लगा है। यह देखकर कर्मचारी लाल झंडा लेकर झाँसी से आ रही ट्रेन तो रोका। 200 मीटर तक दौड़ने के बाद उन्होंने ट्रैक पर झंडा रखा और लहराने लगे। उधर, चंबल नदी का पुल पार कर कर्नाटक एक्सप्रेस 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही थी।
झंडा देखते ही लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इसकी सूचना झांसी कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर रेलवे स्टेशनों पर जहां-जहां ट्रेनें थीं, वहीं पर रोक दिए जाने की सूचना दी गई।
श्रीधाम एक्सप्रेस, अनारकुलम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, छत्रपति शिवाजी-फिरोजपुर एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस, बिलासपुर-अमृतसर एक्सप्रेस, विशाखापत्तनम-अमृतसर एक्सप्रेस, कन्याकुमारी-निजामुद्दीन एक्सप्रेस का रूट डायवर्ट किया गया। मंडल वाणिज्य प्रबंधक पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने कहा कि हालिया आदेश के मुताबिक ट्रेनों को 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति दी गई है।