भोपाल: राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों की डायलिसिस के लिये नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी जिलों में पीपीपी मॉडल के अंतर्गत अनुबंधित राज्य स्तरीय एजेंसी एवं चार एनजीओ के माध्यम से डायलिसिस इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 49 जिला अस्पतालों, चिन्हित 8 सिविल अस्पतालों यथा खुरई, डबरा, नागदा, मनासा, बदनावर, नसरुल्लागंज, आष्टा एवं हजीरा एवं एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवाड़ी में मेसर्स एपेक्स किडनी केयर प्रालि के माध्यम से डायलिसिस सेवायें संचालित की जा रही हैं। उक्त के अतिरिक्त जिला अस्पताल नीमच में नीमच मानव सेवा समिति नीमच, जिला अस्पताल रतलाम में जीडी अंक्लेसरिया रोटरी डायलिसिस सेंटर ट्रस्ट, जिला अस्पताल जबलपुर में पंजाबी हिंदू एसोसियेशन तथा सिविल अस्पताल गंजबासोदा विदिशा में चेतना सेवा समिति जोकि एनजीओ हैं, डायलिसिस सेवा का संचालन कर रहे हैं।
दिशा-निर्देश में सिविल सर्जन के लिये कहा गया है कि वह डायलिसिस इकाईयों के साथ स्थापित आरओ यूनिट में सप्लाय किये जाने वाले पानी के तापमान को अनुकूल बनाये रखने के लिये ओवर हेड टंकी पर छाया की व्यवस्था करें तथा डयलिसिस केंद्र में एयरकन्डीशनर चालू रखें। अवकाश के दिनों में रोगी की जरुरत अनुसार, डायलिसिस इकाई संचालित की जाये तथा केंद्र में चौबीसों घण्टे बीजली की आपूर्ति रखी जाये जिसके लिये जनरेटर रखा जाये। डायलिसिस नोडल अधिकारी के लिये कहा गया है कि वह प्रतिदिन डायलिसिस केंद्र का राउण्ड लगाये एवं मशीन को रोगाणु मुक्त रखे। यदि मरीज एड्स या टीबी अदि रोग से संक्रमित है तो उसका टेस्ट करने के बाद उसका अलग मशन पर डायलिसिस किया जाये। सेवा प्रदाता के लिये कहा गया है कि वह रोगी के लिये प्रतीक्षा अवधि 24 घण्टे से अधिक न रखे।