मप्र में किसानों पर इस समय हर तरफ से मार पड़ रही है। पहले से बारिश नहीं हो रही है, फसलें सुख रही है। ऐसे समय में सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है तो राजस्व से जुड़े काम करने वाले पटवारी हड़ताल पर डटे है। जिसके कारण जमीन के रिकार्ड से जुड़े काम नहीं हो पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 19 हजार पटवारियों की नौवे दिन भी आज हड़ताल जारी है। जिसकी वजह से किसान सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, बंटान, धारणाधिकार सहित तहसील से जुड़े अन्य कामों को लेकर परेशान है। ये सभी काम नहीं हो रहे हैं, क्योंकि इनमें पटवारियों की जरुरत होती है। 

पटवारी 28 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। पटवारी 25 साल से ग्रेड-पे और प्रमोशन की मांग कर रहे हैं। दूसरे राज्यों में पटवारियों का ग्रेड-पे मप्र की तुलना में अधिक है। पटवारियों पर ये थी प्रमुख जिम्मेदारियां पटवारियों के जिम्मे प्रमुख रूप से नामांतरण, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निर्वाचन के कार्य, फसल गिरदावरी, पीएम- सीएम पेमेंट और पुलिस के साथ घटना स्थल पर पंचनामा बनाना आदि कार्य हैं, जो प्रभावित हो रहे है।