भोपाल: वन विभाग ने सेवानिवृत होने से पहले दो  एपीसीसीएफ को प्रमोट करने का रास्ता साफ हो गया। राज्य शासन ने पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी दे दी है। अब डीपीसी होना शेष है। 

वन विभाग ने 1991 और 1992 बैच के अफसरों पंकज अग्रवाल एपीसीसीएफ वित्त और डॉ उत्तम कुमार सुबुद्धि एपीसीसीएफ विकास को सेवानिवृत्ति के पहले पीसीसीएफ पद पर प्रमोट करने के लिए राज्य शासन से चार पद अस्थाई रूप से मांगे थे। 2 हफ्ते के इंतजार के बाद राज्य शासन ने चार पीसीसीएफ के पद स्वीकृत कर दिए हैं। अब चार नए पदों के लिए डीपीसी होना शेष है। 

पीसीसीएफ के चार पद की मंजूरी मिलने के बाद 1991 बैच के दो अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) शुभ रंजन सेन और एपीसीसीएफ (वित्त एवं बजट) पंकज अग्रवाल के अलावा 1992 बैच के एपीसीसीएफ (विकास) यूके सुबुद्धि तथा वन विकास निगम में पदस्थ एपीसीसीएफ सुदीप सिंह पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि 1991 बैच के एपीसीसीएफ पंकज अग्रवाल मार्च 24 में और 1992 बैच के यूके सुबुद्धि नवम्बर 24 में रिटायर हो जाएंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अनुसार राज्य में पीसीसीएफ के निर्धारित मापदंड (2%) से अधिक पद पर कार्य कर रहें है। 

आईएफएस के लिए फिर डीपीसी टली

13 राज्य वन सेवा से आईएफएस अवार्ड के लिए होने वाली डीपीसी एक बार फिर टल गई है। मुख्य सचिव वीना राणा ने प्रशासनिक व्यवस्था के चलते दिल्ली में आहूत डीपीसी की बैठक में उपस्थित होने में असमर्थता व्यक्त की है। केंद्रीय कार्मिक विभाग को पत्र लिखते हुए मुख्य सचिव ने  डीसी की बैठक भोपाल में आयोजित करने का आग्रह किया है। इसके पहले 22 दिसंबर को प्रस्तावित पदोन्नति कमेटी की बैठक भी टल गई थी। गौरतलब यह है कि डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी के अखिल भारतीय सेवा के लिए प्रमोशन हो चुके हैं पर राज्य वन सेवा के अधिकारियों की डीपीसी को लेकर किंतु-परंतु के सहारे डीसी टाली जा रही है। 

उल्लेखनीय है कि राज्य वन सेवा से आईएफएस के लिए संभावित डीपीसी में 2009 बैच के राज्य वन सेवा के अधिकारी रामकुमार अवधिया को आईएफएस पद पर प्रमोट करने के लिए हरी झंडी मिलने की संभावना थी। कमेटी 2011 बैच के आशीष बांसोड़,  विद्याभूषण सिंह,  गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड के लिए हरी झंडी दे सकती है। 

गड़बड़ियों में उलझे रहने की वजह से 2011 बैच की डॉ कल्पना तिवारी और राजबेंद्र मिश्रा के नाम विचार नहीं किया जाएगा। हालांकि 13 अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड देने के लिए 2011 बैच से 2013 बैच के करीब राज्य वन सेवा के 39 अफसरों के नाम पर मंथन होना था।