मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले निकली भाजपा की जनआशीर्वाद यात्राएं बड़े जोर-शोर से शुरू हुई और इनके समापन का महाकुंभ भी हुआ ,लेकिन प्रधानमंत्री ने इन यात्राओं का जिक्र क्यों नहीं किया? यही वो सवाल है जो मध्यप्रदेश भाजपा को परेशान किए हुए है। क्या जनआशीर्वाद यात्राएं भाजपा के केंद्रीय नेताओं की नजर में प्रभावशाली नहीं रहीं? या प्रधानमंत्री ने जानबूझकर ऐसा किया? 

25 सितंबर को भोपाल के जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ में प्रधानमंत्री ने 18 साल के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहीं नाम तक नहीं लिया। शिवराज का नाम तो छोड़िए सरकार की लाडली बहना स्कीम का भी जिक्र तक नहीं किया?