प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर चुनावी राज्य एमपी के दौरे पर हैं। यहां वह बड़डूमा में 100 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले संत रविदास के भव्य मंदिर-विशाल स्मारक का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सभा स्थल ढाना पहुंचेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी पिछले 11 महीने में सातवीं बार मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं।
पीएम का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
- 11:50 बजे: पीएम मोदी वायुसेना के विमान से खजुराहो के लिए रवाना होंगे।
- लगभग 1 बजे: खजुराहो हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।
- 1.05 बजे: हेलीकॉप्टर 2.05 बजे बड़तूमा हेलीपैड पहुंचेगा। हेलीपैड से कार द्वारा पीएम बड़तूमा कार्यक्रम स्थल तक जायेंगे।
- दोपहर 2.15 बजे से 2.30 बजे तक: संत रविदास महाराज के मंदिर और स्मारक पर भूमिपूजन किया जाएगा।
- 2.35 बजे: बड़तूमा हेलीपैड पर पहुंचेंगे।
- 2.45 बजे: 3.05 बजे हेलीकॉप्टर से ढाना हवाई पट्टी पहुंचेंगे।
- 3.15 बजे: ढाना जनसभा स्थल पहुंचेंगे।
- शाम 4.15 बजे: ढाना हवाई पट्टी से हेलीकॉप्टर द्वारा खजुराहो के लिए रवाना होंगे। जहां से वे विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। एक महीने से कम समय में पीएम मोदी का यह राज्य का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले 1 जुलाई को मोदी ने शहडोल जिले के पकरिया गांव में आदिवासी नेताओं, स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों और युवा फुटबॉल खिलाड़ियों से बातचीत की थी।
संत शिरोमणि रविदास के मंदिर निर्माण के लिए निकाली जा रही समरसता यात्रा 12 अगस्त को सागर में समाप्त होगी. सुशासन का मूल मंत्र देने वाले संत शिरोमणि रविदास के मंदिर निर्माण के लिए मध्य प्रदेश में समरसता यात्रा का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से संत रविदास का समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। 18 दिवसीय यात्रा 25 जुलाई को शुरू हुई और 12 अगस्त को सागर में समाप्त होगी, जहां प्रधान मंत्री मोदी संत रविदास के व्यक्तित्व और कार्यों को समर्पित एक मंदिर और संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे।
मंदिर के निर्माण में राज्य के प्रत्येक निवासी की भागीदारी के लिए प्रदेश के गाँवों की मिट्टी और 313 नदियों का जल एकत्र किया गया, ताकि इसका उपयोग मंदिर के निर्माण में किया जा सके। इस कार्क्रम में देशभर से 400 से 500 संत शिरकत कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार ने 8 फरवरी 2023 को संत रविदास के समंदिर निर्माण की घोषणा की थी। इस संकल्प की सिद्धि के लिए प्रदेश के 5 स्थानों नीमच, मांडव धार, श्योपुर, बालाघाट और सिंगरौली से एक साथ पांच यात्राएं शुरू की गईं। यात्रा प्रदेश के हर गांव से मिट्टी और सभी विकासखंडों की 313 नदियों से प्रतीकात्मक जल संग्रह करते हुए 12 अगस्त को सागर पहुंची। जहां संत रविदास मंदिर का भूमिपूजन किया जाएगा।