प्रियंका गांधी 5 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं। चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका गांधी धार ज़िले के मोहनखेड़ा पहुंची हैं। मोहनखेड़ा में प्रियंका गांधी ने बीजेपी को खरी-खरी तो सुनाई ही साथ ही चुनावी-दावों और वादों की बौछार भी कर दी।
यहां पर बोलते हुए प्रियंका ने कहा, कांग्रेस की सरकार आई तो किसानों के कर्ज फिर से माफ करेंगे। 100 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगा। 200 यूनिट बिजली हाफ रेट पर मिलेगी। पुरानी पेंशन फिर से लागू करेंगे। 5 हार्स पावर बिजली किसानों को मुफ्त मिलेगी। गैस सिलेंडर 500 रुपये में मिलेगा। महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह खाते में मिलेंगे।
आगे बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, यहां मैं सिर्फ वो बातें करना चाहती हूं कि जो सच है। मैं आपसे कहना चाहती हूं कि ये देश आपका है, ये प्रदेश आपका है, ये भविष्य आपका है तो जिम्मेदारी भी आपकी है कांग्रेस पार्टी भी आपकी है, हम सब भी आपके हैं।
बीजेपी पर तंज कसते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, शिशुपाल के अत्याचारों का घड़ा भर गया है। अब कृष्ण रूपी बन जाओ और कृष्ण भगवान की तरह इनको निकाल दो। डेढ़ साल में पिछले चुनाव में आपने कौन सी सरकार चुनी थी कांग्रेस, फिर क्या हुआ रिश्वत खोरी हुई और जो आपका आदेश था उसका पालन नहीं हुआ।
आप कांग्रेस की सरकार चाहते थे, लेकिन जोड़-तोड़ कर आपको भाजपा की सरकार मिली। कांग्रेस की सरकार ने किसानों के कर्ज माफ किए। 27 लाख किसानों के कर्ज माफ किए। एक करोड़ परिवारों को 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली दी। मैं डेढ़ साल की बात कर रही हीं 18 साल की नहीं। ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी किया। आर्थिक रूप से कमजोर जनरल वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिया।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आगे कहा, चुनाव आया तो घोषणाएं शुरू। मोदी जी हर दो दिन में आकर उद्घाटन कर रहे हैं। 18 साल में ये याद नहीं आया, क्या पहले समय नहीं मिला। जागो और इनको सिखाओ। ये किसानों के जीवन में मुश्किल डाल रहे हैं कि ये भीख मांगे। ये जो फसलें खराब हुईं कुछ मुआवजा मिला, हो सकता है चुनाव आ रहे हैं कुछ मुआवजा मिल जाएं। चुनाव के बाद देंगे या नहीं ये मत पूछना। बेरोजगारी चरम पर है।
शिक्षकों के करीब 70 हजार, डॉक्टरों के 90 फीसदी पद खाली। सर्जन के 90 फीसदी से ज्यादा पद खाली, फिजीशियन के 90 फीसदी से ज्यादा पद खाली, बच्चों के डॉक्टर के 90 फीसदी पद खाली हैं।
खेती किसानी से रोजगार पैदा होता था। रोजगार कहां दे रहे हैं। कमाने का मौका नहीं दे रहे हैं, महंगाई बढ़ गई है जीना मुश्किल हो गया है। आप संघर्ष कर रहे हैं बच्चों को स्कूल भेजने के लिए, फीस के लिए, भर्ती की परीक्षा के लिए। लेकिन करने के बाद भी कुछ नहीं मिल रहा है। मैं आप सभी से कहना चाहती हूं कि पिछले 18 साल में कोई नई यूनिवर्सिटी, कोई नया अस्पतला नहीं बना।