इंदौर नगर निगम के कचरा वाहन का उपयोग रील बनाने में करने वालों के खिलाफ विजय नगर थाने में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में ये बताया गया है कि रील बनाने वालों ने कचरा गाड़ी के हेल्पर को बताया कि वे एक एनजीओ में हैं और स्वच्छता सर्वेक्षण कर रहे हैं।
यह झूठ बोलकर उसने गाड़ी का इस्तेमाल रील बनाने में किया। रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला निगम अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद मामला को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई।
रील सोशल मीडिया पर खूब वायरल होने के बाद इस मामले में विजय नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। जोन 7 सीएसआई संजय घावरी ने बताया कि घटना करीब 15 दिन पुरानी है। पीयू-4 के पास जोन की कूड़ा गाड़ी खड़ी थी। गाड़ी का ड्राइवर रोजमर्रा के काम के लिए गया था, इसी बीच रील बनाने वाले वीर शर्मा और पारुल अहिरवाल वहां पहुंचे और गाड़ी के हेल्पर से कहा कि वे एक एनजीओ से आए हैं और गाड़ी की फोटो लेनी है। जब दोनों वीडियो बनाने लगे तो हेल्पर ने उन्हें रोक दिया।
इस पर दोनों ने कहा कि उन्हें स्वच्छ सर्वेक्षण का वीडियो भी बनाना है। वीडियो बनाने के बाद दोनों चले गए। मामले को लेकर ये कहा जा रहा है, कि आरोपियों ने सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया है। उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत गलत जानकारी देकर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज किया जा सकता है।