सावन के सातवें सोमवार को भगवान महाकाल जटाशंकर के रूप में लोगों को दर्शन देने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग के कारण भक्तों की भीड़ काफी बढ़ने की संभावना है, जिसके चलते महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि भगवान श्रीमहाकालेश्वर की सातवीं सवारी 21 अगस्त को शाम 4 बजे निकलेगी। इस दौरान पालकी पर श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी रथ पर उमा महेश और होलकर राज्य के मुखारविंद, श्री घाटटॉप मुखोटा और गुड़िया रथ पर श्री जटाशंकर मुखारविंद शामिल होंगे।
भगवान श्री महाकालेश्वर की प्रस्थान से पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभा भवन में भगवान श्री महाकालेश्वर की विधिवत पूजा-अर्चना की जायेगी। इसके बाद भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिसकर्मी पालकी में विराजमान भगवान चंद्रमौलेश्वर को सलामी देंगे।
इसके बाद सवारी पारंपरिक मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बख्शी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी, जहां क्षिप्रा नदी के जल से अभिषेक और पूजा की जाएगी। फिर सवारी रामानुजकोट, मोधनी धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टैंक चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार होते हुए पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।