भोपाल: नये पैसा नियमों के तहत प्रदेश में 20 जिलों की 268 ग्राम सभाओं ने इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण एवं व्यापार स्वयं करने की सहमति दी थी। परन्तु इनमें से 248 ग्राम सभायें लागत मूल्य से अधिक मूल्य पर संग्रहित तेंदूपत्ते का विक्रय कर सकीं। 18 ग्राम सभायेे लागत मूल्य से कम मूल्य पर तेंदूपत्ते का विक्रय कर सकीं जबकि 2 ग्राम सभायें अपना तेदूपत्ता विक्रय ही नहीं कर पाईं। राज्य लघु वनोपज संघ ने इन बीसों ग्राम सभाओं में 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान कराया और इस प्रकार हानि संघ ने स्वयं ने वहन की।
उल्लेखनीय है कि इस साल असामयिक वर्षा के कारण तेंदूपत्ते का संग्रहण कम हुआ। 268 ग्राम सभाओं में इस कारण लक्ष्य 28 हजार 10 मानक बोरा के स्थान पर 13 हजार 357 मानक बोरा यानि 48 प्रतिशत ही तेंदूपत्ता संग्रहित हो पाया। इस संग्रहित तेंदूप्पता का मूल्य 7 करोड़ 18 लाख रुपये है।