भोपाल: केंद्र सरकार द्वारा राज्य के सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना में हितग्राही की नौ अंको वाली समग्र आईडी नहीं डाली जा रही है जिससे हितग्राही की ट्रेकिंग नहीं हो पा रही है और डबल भुगतान की स्थिति बन रही है। उल्लेखनीय है कि उक्त योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों के ऐसे सदस्य जिसकी प्राकृतिक/अप्राकृतिक मृत्यु हो जाने पर पीडि़त परिवार को सामाजिक सुरक्षा प्रदान के उद्देश्य से 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदाय की जाती है।
सामाजिक न्याय संचलनालय ने अपने सभी जिला संयुक्त/उप संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि, एक्त योजना में भुगतान बैंक प्रणाली की डीजीएफएमएस से किया जाता है, परन्तु समीक्षा में पाया गया है कि जिलों द्वारा भुगतान करने हेतु आवेदक का पंजीयन बैंक प्रणाली की डीजीएफएमएस पर किया जाता है तो उसमें आवेदक की नौ अंकों की समग्र आईडी को स्टेट स्पेसिफिक आईडी में दर्ज नहीं किया जा रहा है जिससे प्रकरणों की ट्रेकिंग में असुविधा हो रही है तथा दोहरे भुगतान की स्थिति भी बन रही है। इसलिये समग्र आईडी को अनिवार्य रुप से डाला जाये अन्यथा दोहरे भुगतान की जवाबदारी जिले के संयुक्त/उप संचालक की होगी। अभी तक उक्त योजना में कुल 3 हजार 926 व्यक्तियों को डीजीएफएमएस प्रणाली से भुगतान किया गया है जिसमें से 839 प्रकरणों में समग्र आईडी दर्ज नहीं है।