भोपाल: राज्य सरकार ने लम्बे समय बाद श्री राम चन्द्र पथगमन के प्रदेश में पडऩे वाले अंचलों के विकास हेतु ट्रस्ट का गठन कर दिया है। इस ट्रस्ट के गठन के तीन उद्देश्य बताये गये हैं। एक, श्री राम पथगमन के अंतर्गत राज्य की वर्तमान सीमा के अंदर चिन्हांकित स्थलों एवं स्थानों के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक-रचनात्मक विकास हेतु परामर्श देना। 

दो, युवा पीढ़ी को श्री रामचन्द्र की जीवन गाथा और उनके पथगमन क्षेत्र की महत्ता से अवगत कराये हुये गंतव्य स्थलों से भावनात्मक रुप से जोडऩे की योजनायें यह ट्रस्ट परिकल्पित करेगा जिसमें रामायण गाथा पुन: जीवंत हो सके। 

तीन, विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास विभागों से समन्वय से ट्रस्ट श्री रामचन्द्रजी के पदचिन्हों वाले स्थानों का सांस्कृतिक तथा पर्यटन की दृष्टि से विकास, संरक्षण एवं संवर्धन करेगा। पहले राम वनगमन पथ का उपयोग होता था जिसे बदलकर राम पथगमन कर दिया गया है। 

इसी प्रकार, पहले इस योजना के तहत सडक़ मार्ग बनाये जाने थे परन्तु अब पथगमन वाले अंचलों का विकास किया जायेगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने दो साल पहले 2 मार्च 2021 को अपने बजट भाषण में राम पथगमन की घोषणा की थी।

33 ट्रस्टी होंगे :

श्री रामचन्द्रजी पथगमन ट्रस्ट में कुल 33 ट्रस्टी होंगे जिनमें पांच विद्वान न्यासी सदस्य होंगे। शेष 28 ट्रस्टियों में सीएम अध्यक्ष, संस्कृति मंत्री उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव एवं अन्य विभागों के प्रमुख ट्रस्टी होंगे।

जबलपुर के आयुक्त व कलेक्टर भी रहेंगे ट्रस्टी :

उक्त ट्रस्ट में जबलपुर के संभागायुक्त एवं कलेक्टर भी ट्रस्टी रहेंगे जबकि नर्मदापुरम, रीवा, सागर तथा शहडोल के संभागायुक्त एवं जिला सतना, पन्ना, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर तथा नर्मदापुरम के कलेक्टर भी ट्रस्टी नियुक्त किये गये हैं। जाहिर है, इन संभागों एवं जिलों में श्री राम पथगमन से संबंधित ज्यादा विकास कार्य किये जायेंगे। इस ट्रस्ट कार कार्यालय भोपाल में रहेगा।