मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की दूसरी लिस्ट को लेकर काफी चर्चा हो रही है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की ओर से अब तक 3 लिस्ट जारी कर दी कई हैं, जिनमें लगभग 80 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी कर दी गई है। हाल ही में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के चुनाव मैदान में उतरने की ख़बरे भी सामने आईं थीं। ये कयास लगाए जा रहे हैं कि अगली सूची में उमा भारती और ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी हो सकता है।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को मैदान में उतारने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती छिंदवाड़ा की चौरई सीट से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन उमा भारती ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने से साफ़ इनकार कर दिया है, हलांकि बीजेपी के कई बड़े नेताओं को चुनाव में उतारने के बाद ये कयास लगाए जा रहे थे, कि उमा भारती चुनाव विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।
उमा भारती ने खुद ट्वीट करके चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है उनका कहना है, कि हमारी पार्टी ने मध्य प्रदेश में कुछ केंद्रीय मंत्रियों एवं सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा है, इस निर्णय का अभिनंदन। यह सभी नाम अपने-अपने क्षेत्र में ऐसी लहरें पैदा करेंगे जिससे पूरा प्रदेश विधानसभा चुनाव में लाभान्वित होगा।
मध्य प्रदेश का बहुत ही प्रतिष्ठित समाचार पत्र सद्भावना से ही यह लिखता है कि मैं मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव लडूंगी। इससे मुझे बहुत दिक्कत एवं शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है क्योंकि यह सच नहीं है।
मैं इस ट्वीट के माध्यम से ही अपने सभी आत्मीयजनों इसमें टेली मीडिया एवं प्रिंट मीडिया दोनों के भाई बहन भी शामिल हैं। मैं संपादकों से आग्रह करती हैं कि आपके संवाददाता मेरे विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बारे में चर्चा ना करें, प्रश्न ना करें।
मैं एक साधारण मनुष्य हूं, मेरी आप सबसे यही प्रार्थना है कि मुझे आशीर्वाद दीजिए कि मैं जिन सिद्धांतों पर आस्था रखती हूं उन पर विजय प्राप्त करूं।
मैं पिछले साल बद्री-केदार एवं हिमालय नहीं गई थी क्योंकि यहां शराबबंदी की मुहिम में शामिल थी इस साल मैं कुछ समय के लिए कार्तिक मास में हिमालय एवं बद्री केदार जाने के लिए व्याकुल हूं। बस इतनी सी बात है।
महिला आरक्षण में ओबीसी आरक्षण के लिए बहुत से राजनीतिक दल एवं समाज सेवी संगठन प्रयासरत हैं, मेरी भी इस विषय पर आस्था है जो राजनीति से परे है।
मतलब साफ है उमा भारती विधानसभा चुनाव लड़ने से तो दूर रहेंगी लेकिन पार्टी के लिए एक कार्यकर्ता और कर्मठ नेता के रूप में वे पार्टी के लिए काम करती रहेंगी। लेकिन अगर उन्हें लोकसभा का टिकट मिलता है तो वह दूसरे राज्य से चुनाव लड़ सकती हैं। उनका कहना है, कि बाकी पार्टी जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपेगी वे उसे पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगी।