मध्यप्रदेश की जीवनरेखा अब गुजरात के रेगिस्तानी इलाके कच्छ की सूखी धरती की प्यास बुझा रही है. नर्मदा का पानी कच्छ के कुछ अंदरूनी गांवों तक जा पहुंचा है. कच्छ के मांडवी और मुंद्रा के गांवों तक नर्मदा का पानी पहुँच गया है। इससे जहां इलाके में खुशी जताई जा रही है वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी इस संबंध में एक ट्वीट किया है। सीएम शिवराजसिंह ने एक श्लोक के साथ नर्मदाजी की वंदना करते हुए अपने ट्विटर एकाउंट पर यह जानकारी साझा की है.

सीएम ने अपने ट्वीट एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है:
कच्छ की सूखी बंजर धरती पर नर्मदा का पानी पहुँचने के मायने क्या हैं, यह तस्वीरें बता रही हैं।

मांडवी और मुंद्रा के गांवों तक नर्मदा का पानी पहुँचा।

इसके पहले उन्होंने निम्न श्लोक के साथ नर्मदा आराधना की:
सबिंदु सिन्धु सुस्खल तरंग भंग रंजितम
द्विषत्सु पाप जात जात कारि वारि संयुतम
कृतान्त दूत काल भुत भीति हारि वर्मदे
त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे ॥१॥


इधर मांडवी और मुंद्रा गांवों में नर्मदा का पानी पहुँचने पर ग्रामीण खुशी व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसके वीडियो और फोटो शेयर कर कमेंट किए जा रहे हैं. ट्विटर पर यूजर्स लिख रहे हैं कि— किसान कह रहे हैं 'सपना पूरा हुआ'।

एक यूजर ने लिखा है कि भचाऊ रापर तहसील में पानी पहले ही पहुँच चुका. इस बार मांडवी और मुंद्रा के गांवों और खेतों तक पानी पहुंचा। यह पानी किसानों की जिंदगी तो बदलेगा ही, साथ ही जो किसान घासचारे और पानी की कमी के चलते मालधारी मवेशियों के साथ पलायन करने को मजबूर थे, वे भी अब यहां रुके रहेंगे। एक अन्य यूजर का कहना है कि बेशक इस योजना को यहां तक पहुँचाने के पीछे पीएम @narendramodiका विजन और मजबूत संकल्प रहा है। कच्छ की तकलीफों को पीएम ने नजदीक से देखा है,उसे महसूस किया है और उसे दूर करने की हर संभव कोशिश की है। स्थितियां अब बदली है और इस बदलाव की तस्वीरें स्थानीय लोगो के चेहरे पर सुकून लायी है।

जनक दवे नामक यूजर का कहना: जो लोग पूछते हैं कि गुजरात कांग्रेस को क्यों नहीं चुनता, उनके लिए कारण सामने है।