ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई। कोर्ट ने शिवराज सरकार को दो सप्ताह के भीतर पंचायत एवम् नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।
इस निर्देश के बाद मध्यप्रदेश में राजनीतिक हलचलें तेज हों गई है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर शिवराज और कमलनाथ आमने-सामने नज़र आये। बीजेपी लगातार कांग्रेस पर हमलावर हो रही है। बीजेपी की तरफ़ से गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मोर्चा संभाल रहा है।
नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर साधा निशाना-
मिश्रा ने आज कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए प्रेस कांफ्रेंस में कहा, पहले जब शिवराज सरकार ने चुनाव की घोषणा की थी, तब कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध कर कोर्ट चले गये क्योंकि इन्हें ओबीसी वर्ग का हित ठीक नहीं लग रहा था।
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— BJP MadhyaPradesh (@BJP4MP) May 13, 2022
उन्होंने कहा, भाजपा ने ओबीसी वर्ग के तीन मुख्यमंत्री दिये, नेता प्रतिपक्ष भी दिये। कांग्रेस ने एक भी मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष तक नहीं दिया। सुभाष यादव जैसे ओबीसी वर्ग के बड़े नेता को भी कांग्रेस ने आगे बढ़ने से रोका। लेकिन भाजपा ने सदैव ओबीसी वर्ग के कल्याण के लिए काम किया है। आज प्रधानमंत्री हो या प्रदेश के मुख्यमंत्री हो, दोनों इसी वर्ग से आते है। ये इस बात का प्रमाण है कि भाजपा ओबीसी के हित में सदैव प्रतिबद्ध है।
मिश्रा बोले, पिछड़ों को गले लगाकर पीठ में छुरा भोंकने का काम कांग्रेस शुरू से करती आई है। मध्यप्रदेश का पिछड़ा वर्ग कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के पिछड़ा वर्ग विरोधी चरित्र को अच्छी तरह से समझ चुका है।
शिवराज सरकार ने खेला आखिरी दांव..!
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के बाद मध्य प्रदेश सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर पंचायत एवम् नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था।
लेकिन अब एक बार फ़िर ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। फ़िर से शिवराज सरकार अपना आखिरी दाव खेलते हुए ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। शिवराज सरकार ने कोर्ट के निर्देश पर पुनर्विचार के लिए संशोधन अर्जी दाखिल की है।
शिवराज सरकार द्वारा कोर्ट के 10 मई के निर्देश में संशोधन करने की मांग की गई है। सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटिशन दायर होने के बाद कोर्ट एक बार फ़िर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। जानकारी के अनुसार,17 मई को इस मामले में सुनवाई होगी।