बेंगलुरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गो फर्स्ट की एक उड़ान 54 यात्रियों के बिना ही उड़ चली। सभी यात्री बस से विमान की ओर आ रहे थे। एयरलाइंस को जब अपनी गलती का अहसास हुआ तो एयरपोर्ट पर रवाना हुए यात्रियों को चार घंटे बाद दूसरी फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया। डीजीसीए ने मामले पर रिपोर्ट मांगी है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना सोमवार सुबह करीब 5.45 बजे हुई जब यात्री बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली गोफर्स्ट फ्लाइट जी8-116 में सवार थे। यात्रियों को विमान तक ले जाने के लिए कुल चार बसें भेजी गईं। पहले दो बसें आगे बढ़ीं थीं। एक यात्री ने बताया ग्राउंड स्टाफ को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। जब उन्होंने हमारे बोर्डिंग पास देखे, तो हवाईअड्डे के अधिकारी देखकर हैरान रह गए। यात्री उससे पूछताछ करने लगे। इसके बाद अधिकारियों ने यात्रियों को शांत कराने का प्रयास किया और सभी को प्रस्थान क्षेत्र से बाहर निकाला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोफर्स्ट ग्राउंड के एक कर्मचारी ने कहा कि सभी 54 यात्रियों को फिर से सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ाय़। इसके बाद सोमवार सुबह 10 बजे उन्हें दूसरी फ्लाइट से दिल्ली भेजा गया। दोपहर करीब दो बजे सभी यात्री दिल्ली पहुंचे। इसके बाद उन्हें लगेज सौपा गया।

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। सतीश कुमार नाम के एक यात्री ने ट्वीट किया। फ्लाइट G8 116 (BLR-DEL) ने यात्रियों को जमीन पर छोड़ कर उड़ान भरी! एक बस में 50 से अधिक यात्रियों को उतारा गया और केवल एक बस के यात्रियों को लेकर रवाना हुई। क्या @GoFirstairways @JM_Scindia @PMOIndia नींद में काम करता है? कोई बुनियादी जाँच नहीं!

एक अन्य ट्विटर यूजर ने शिकायत करते हुए लिखा- लापरवाही की हद! @DGCAIndia। फिलहाल, गोफर्स्ट ने इस घटना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, एक ट्वीट के जवाब में एयरलाइन ने यूजर्स से कहा कि असुविधा के लिए खेद है।