उत्तराखंड के धसक रहे जोशीमठ में आज बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। लालच के चलते बने होटल व बहुमंजिलाएं गिराए जाएंगी। सबसे पहले आज दो बड़े होटल की बारी है। यहां मकानों में दरारें आने के बाद एक्सपर्ट टीम ने यह फैसला लिया है। लग्जरी होटल मलारी इन और होटल माउंट व्यू में से पहले मलारी इन को पहले गिराया जा रहा है। यह दोनों 6 मंजिला होटल हैं। टीमें बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई को रोकने से इंकार कर दिया है। इन्हें गिराने का काम सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्ज इंस्टीट्यूट की निगरानी में है। इस मामले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुप्रीम कोर्ट ने अर्जेंट हियरिंग की अपील की थी। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने कहा है कि टीम ने आज होटल मालारी इन गिराने का फैसला किया है। सबसे पहले ऊपरी हिस्सा गिराया जाएगा। दोनों होटल एक दूसरे के काफी करीब आ चुके हैं। इनके आसपास मकान हैं इसलिए इन्हें गिराना जरूरी है। होटल और ज्यादा धंसे तो गिर जाएंगे।
क्या बोला कोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने जोशी मठ पर दायर की गई स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट 16 जनवरी को इस मामले की सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा लोकतंत्र के जरिए चुने गए संस्थान है, जो इस मामले को देख रहे हैं। हर मामला हमारे पास लाना जरूरी नहीं ।
होटल मालिक बोले नोटिस तो देतेः वहीं होटल मलारी इन के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा, 'अगर लोगों के भले के लिए इमारत गिराई जानी है तो मैं सरकार के साथ हूं। फिर चाहे जरा सी ही दरार ही क्यों न आई हो। लेकिन मुझे नोटिस तो दिया जाना था। होटल का मूल्यांकन करते। मैंने ऐसा करने को कहा है। इसके बाद मैं चला जाऊंगा।'
678 मकानों में दरारें
जोशीमठ में 678 मकानों की पहचान हुई है, जिनमें दरारें हैं। 16 जगहों पर अब तक कुल 81 परिवार ही विस्थापित किए जा चुके हैं। जोशीमठ में सरकार का दावा है कि अब तक 19 जगहों पर 213 कमरे में 1191 लोगों के ठहरने की व्यवस्था बनाकर रखी है। लेकिन जोशीमठ की जनता को स्थापित से विस्थापित होने के दर्द के बीच सरकार के दिए भरोसे में भी दरार नजर आती है।