भोपाल: प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की पिपरिया तहसील के अंतर्गत आने वाले पचमढ़ी में साडा के एकमात्र न्यू होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने के आदेश का विरोध शुरु हो गया है। विरोध की शुरुआत पिपरिया से भाजपा के अनुसूचित जाति के विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने की है तथा सीएम को पत्र लिखकर कहा कि न्यू होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने के फसले को निरस्त किया जाये।

उल्लेखनीय है कि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानि साडा के पास वर्तमान में पचमढ़ी में महादेव मार्ग पर न्यू होटल और शहर में एक धर्मशाला है तथा हाल ही में उसे वनस्थली होटल भी मिल गई है जोकि थी साडा की ही परन्तु निजी क्षेत्र को संचालन के लिये दी गई थी।

पहले इसके पास अन्य पर्यटक होटलें भी थीं जो पर्यटन विभाग को सौंपी जा चुकी हैं। न्यू होटल के कमरों का किराया पचमढ़ी के अन्य होटलों के मुकाबले बहुत ही कम है तथा इसका किराया साढ़ सात सौ रुपये के आसपास है। धर्मशाला के कमरे तो मात्र पौने दो रुपये प्रतिदिन पर उपलब्ध हैं। न्यू होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने पर साडा के पास वनस्थली जिसका अभी रिनोवेशन होना है व एकमात्र धर्मशाला ही रह जायेगी।

विधायक नागवंशी का इस संबंध में कहना है कि पचमढ़ी में आम एवं कम आय वाले पर्यटकों के ठहरने का एकमात्र स्थान न्यू होटल ही है। यदि यह भी पर्यटन विभाग को दे दिया गया तो कम आय वर्ग के पर्यटकों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसीलिये उन्होंने सीएम को पत्र लिखकर इस फैसले को निरस्त करने का आग्रह किया है।

उल्लेखनीय है कि पचमढ़ी में साडा का गठन वर्ष 1976 में हुआ था। वर्ष 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने लोक निर्माण विभाग के आधिपत्य वाले न्यू होटल को साडा को सौंप दिया था। तब से साडा ही इसका संचालन कर रही है। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग की प्रदेश भर में स्थित चालीस यूनिट्स जोकि रेस्ट हाऊस हैं, को पर्यटन विभाग को सौंपने का निर्णय लिया हुआ है।

इसमें न्यू होटल को भी शामिल किया गया है क्योंकि इसका स्वामित्व लोनिवि के पास ही है। पर्यटन विभाग ने साडा को वह आदेश जारी कर दिया है जिसमें न्यू होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने का जिक्र है तथा उसने इसका साडा से पजेशन भी मांग लिया है। विधायक नागवंशी के विरोध के कारण अभी तक पर्यटन विभाग न्यू होटल का पजेशन लेने के लिये नहीं आया है।