भोपाल: राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रकरण में न्यायालय से सजा पाने वाले वन विभाग के एक रिटायर्ड वनपाल को उसकी सम्पूर्ण पेंशन रोकने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में शिकायतकर्ता प्रदीप शर्मा जिनके पिता कन्हैयालाल के नाम से लाइसेंसी आरामशीन दालौदा में है, द्वारा अभियुक्त वनपाल रमेश राव के विरुद्ध शिकायतकर्ता का अवैध लकड़ी का केस नहीं बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की शिकायत की गई।
लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन द्वारा रमेश राव को 10 जुलाई 2014 को 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त करते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया। विशेष न्यायाधीश मंदसौर द्वारा 10 जून 2023 को आदेश पारित कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उक्त वनपाल को चार वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से एवं अर्थदंड अदा करने में व्यतिक्रम होने की दशा में 3 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया।
वनपाल रमेश राव शासकीय सेवा से 31 जुलाई 2016 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। राज्य शासन ने मप्र सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के अंतर्गत कार्यालय वनमंडलाधिकारी, मंदसौर में पदस्थ रहे सेवानिवृत्त वनपाल रमेश राव को देय संपूर्ण पेंशन राशि स्थायी रूप से वापस लिये जाने का आदेश जारी किया है।