भोपाल। उप वनक्षेत्रपाल से वनक्षेत्रपाल के कार्यवाहक पद का प्रभार नहीं दिए जाने का मामला हाई कोर्ट जबलपुर में पहुंच गया है। डिप्टी रेंजरों एक याचिका दायर कर रेंजर का प्रभार देने की मांग की है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि वन विभाग में रेंजरों को एसीएफ का प्रभार दिया गया है। तब किसी को कोई आपत्ति नहीं हुई।
वन विभाग में 8 अगस्त 23 को डिप्टी रेंजर से रेंजर के पद पर प्रमोट करने के लिए डीसी की गई थी। 6 महीने से अधिक का समय बिग जाने के बाद जब वन विभाग ने जारी नहीं किया। अब आदेश प्रसारित के जाने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन ने उच्च न्यायालय में दस्तक दी है। याचिका में कहा गया है कि न तो पदोन्नति आदेश जारी किये जा रहे हैं और न ही उन्हें उच्चतर पद के प्रभार के आदेश प्रसारित किए जा रहें है।
बताया जा रहा है मप्र कर्मचारी कांग्रेस संगठन द्वारा डिप्टी रेंजरों की पदोन्नति को लेकर विभाग से पत्राचार भी किया गया परन्तु कोई निष्कर्ष नहीं निकला। संगठन ने डिप्टी रेंजरों को उच्च पद पर कर्तव्यों का निर्वहन करने के अवसर से वंचित किये जाने को लेकर मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा सरकार एवं विभाग से डीपीसी होने के बाद भी पदोन्नति न होने के कारण को लेकर 3 सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिया है। न्यायालय ने सुनवाई हेतु अगली तिथि 8 अप्रैल नियत की गई।