राम मंदिर प्रसाद को लेकर मचे विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

शुक्रवार 26 जून की सुबह पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया। चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया था।

पता चला है कि SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट में बहुत सख्त सिफारिशें की हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसके पास भी इस मामले से जुड़े सबूत हों, वे उसे SIT को सौंप दें और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को SIT का गठन किया था। SIT में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव वित्त विभाग नील रतन शामिल थे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। FIR के बाद पुलिस ने रामशंकर यादव (उर्फ टीनू यादव), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रामशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे को गिरफ़्तार किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक जनसभा में कहा कि SIT की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है और सच पूरी तरह सामने आएगा। योगी ने ज़ोर देकर कहा कि जो कोई भी सनातन धर्म से जुड़ी आस्था के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसे नतीजे भुगतने होंगे।