देश में 2025 तक टीबी रोग के उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए निश्चय मित्र बनकर सहयोग किया जा सकता है।टीबी और सिकलसेल जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाकर इनका उन्मूलन करने की आवश्यकता है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।

यह बात खरगोन में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कही। वे सुशीला देवी उमराव सिंह पटेल सेवा संस्थान द्वारा आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान शिविर में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान किया।

राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि घर में टीबी का मरीज होने पर उसके अलग रहने की व्यवस्था की जाए और 06 माह तक नियमित रूप से दवा का सेवन करने पर टीबी का मरीज ठीक हो जाता है। वही, सिकलसेल एनीमिया बीमारी की चर्चा करते हुए पटेल ने कहा कि, यह एक अनुवांशिक बीमारी है और आदिवासी समाज में बहुतायात में पायी जाती है। इस बीमारी से बचने के लिए समय पर इसकी पहचान जरूरी होती है।

कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा सिकलसेल के मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं टीबी मरीजों को पोषण आहार का वितरण किया गया। उन्होंने रक्तदान करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र का वितरण किया और रक्तदान करने के लिए उनका हौसला बढ़ाया। पटेल ने जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा तैयार किये गए खरगोन जिले के कैलेण्डर का विमोचन किया। इसमें खरगोन जिले के ऐतिहासिक एवं पर्यटक स्थलों को दर्शाया गया है।