स्वास्थ्य आज की महती आवश्यकता है| हेल्थ केयर सेक्टर में भारत को तेजी से आगे बढ़ना| क्योंकि हम सब समझ चुके हैं कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है|
हम COVID-19 महामारी के साथ अशांत सामाजिक परिवर्तनों के दौर में चले गए हैं।
कोरोना वायरस ने हम सबकी सोच को बहुत हद तक बदल दिया है| अब हम हर रोज खतरे के संकट के साथ सोते हैं| अब हम जीवन के साथ मृत्यु को भी लेकर चलते हैं| न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए|
मैं आभारी हूं कि मुझे इस घातक वायरस का हल्का तनाव मिला है, जब सभी लोग इतने भाग्यशाली नहीं रहे हैं।
इस महामारी ने किसी परिवार से जहां जान छीनी है तो किसी परिवार के सदस्यों का अच्छा स्वास्थ्य छीना है|
हमें अभी जो चाहिए वो है भविष्य के लिए आशा।
hope for the future.
आने वाला समय हेल्थ टेक्नोलॉजी का है| हेल्थ के क्षेत्र में जितना ज्यादा स्कोप क्रिएट हुआ है इससे पहले कभी नहीं हुआ|
लोग भविष्य में स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकी और नवाचार (healthcare technology and innovation) को लेकर आशावादी हैं:
एक सर्वे में 91 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि innovation लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं
91 प्रतिशत का कहना है कि innovation वेलनेस, शरीर और दिमाग के बीच संबंधों को रोशन कर सकते हैं
Healthcare Tech: हेल्थकेयर टेक: हेल्थकेयर, वैक्सीन डेवलपमेंट, एआई और अर्ली डिटेक्शन, वर्चुअल केयर और बदलते मरीज-मेडिकल प्रोफेशनल रिलेशन में इनोवेशन किए जा रहे हैं और इनकी दरकार भी है|
Wellness Innovation: वेलनेस इनोवेशन: पोषण, फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और मातृ स्वास्थ्य में सफलता और बदलाव लाने वाले इनोवेशन नई क्रांति का सूत्रपात कर सकते हैं|
Climate x Sustainability: जलवायु स्थिरता: स्थिरता, जलवायु परिवर्तन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है। हम सब जानते हैं कि महामारी के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है इससे निपटने के लिए नए उपाय खोजने की जरूरत है हर देश को इसमें अपनी भूमिका निभानी है ऐसे में क्षेत्र में भी इनोवेशन के लिए पर्याप्त स्कोप है| हमारा आहार और खाद्य आपूर्ति श्रंखला हमारे स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करती है क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर कार्य किए जा सकते हैं|
पिछले कई वर्षों में Health सेक्टर में चमत्कारी विकास देखा गया है, ये कई महामारी के दौर में हुए जबरदस्त कार्य का परिणाम हैं।
एमआरएनए अनुसंधान का उपयोग करके एक प्रभावी टीका बनाया गया था। Virtual care में boomed है, Virtual care से अधिक लोगों को वह देखभाल मिल सकती जिसकी उन्हें आवश्यकता है।
फिटनेस ट्रैकर और निरंतर ग्लूकोज मॉनिटर ( continuous glucose monitors) जैसी पहनने योग्य टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मेट्रिक्स की निगरानी उन तरीकों से कर रही हैं जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी, ये हमारे well-being को बेहतर बनाने के लिए इनोवेशन करने के लिए ज़रूरी फीडबैक लूप प्रदान करते हैं।
हमने कम प्रतिनिधित्व वाले और ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों को भी वेलनेस तकनीक से जुड़े हुए देखा है।
मानसिक स्वास्थ्य भी एक प्रमुख क्षेत्र है जहां नवाचारों का विस्फोट हो रहा है। साइकेडेलिक अनुसंधान में रोमांचक सफलताएं आशाजनक परिणाम दिखा रही हैं, और हम जांच कर रहे हैं कि sensitivity to trauma हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए आगे बढ़ने के लिए परिवर्तनकारी क्यों होगी।
बेशक, ये जटिल और बारीक मुद्दे हैं। कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए एआई स्क्रीनिंग आशाजनक है, और हम व्यापक पहुंच और अनुप्रयोग के मार्ग का अनुसरण कर रहे हैं।
गर्म होती दुनिया और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी विशेष रूप से हाशिए के समुदायों के लिए बहुत बड़ा है, लेकिन हम ऐसे नवाचारों की खोज कर रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों का मुकाबला करने और एक स्थायी खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
फिर भी जीवन को सिर्फ टेक्नालॉजी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता| जीवन की गुणवत्ता हमारे अपने जीने के तरीके आदतों और आशावादिता पर निर्भर है|
हम कैसे अपने जीवन को सहज रख सकते हैं और प्रकृति के नजदीक रहकर हम खुद को जितना इम्यून करेंगे उतना ही ज्यादा हमें टेक्नोलॉजी की कम जरूरत होगी| वैसे भी पेंडेमिक के दौर में उस व्यक्ति ने महामारी से लड़ने में ज्यादा सफलता हासिल की है जिसने अपनी जीवन शैली को संतुलित रखा है, जिसने प्रकृति से नजदीकी रखी है और जो अपने विचारों और भावनाओं के प्रति सजग रहा है| हालांकि तकनीकी के इस्तेमाल को नकारा नहीं जा सकता| महामारी ने यह भी साबित कर दिया है कि मेडिकल हेल्थ केयर भी उतनी ही इंपोर्टेंट है जितनी लाइफ से जुड़ी हुई अन्य बुनियादी जरूरतें|