भोपाल: बहुचर्चित व्यापम परीक्षा कांड के संबंध में तीन व्यक्तियों द्वारा वर्ष वर्ष 2014 एवं 2015 में कुल 28 शिकायतें मप्र पुलिस की एसटीएफ से की गई जिनमें से 2 नस्तीबध्द कर दी गई हैं और 26 शिकायतों पर अभी जांच जारी हैं।

ये 28 शिकायतें रतलाम के पूर्व विधायक पारस दादा सखलेचा, इंदौर के व्हीसिल ब्लोअर डा. आनंद राय एवं ग्वालियर के आईटीआई एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी ने की थीं। एसटीएफ के अनुसार, सखलेचा ने कुल तीन शिकायतें की जिनमें से वे सभी में बयान देने के लिये एसटीएफ के सामने उपस्थित हुये तथा ये तीनों जांचें अभी भी प्रचलन में हैं।

आशीष चतुर्वेदी ने कुल 18 शिकायतें की जिनमें से वे 14 शिकायतों में अपने बयान देने के लिये एसटीएफ के सामने मौजूद नहीं हुये जबकि उनकी दो शिकायतें नस्तीबध्द कर दी गईं। डा. आनंद राय ने 7 शिकायतें की जिनमें वे अपने बयान देने के लिये एसटीएफ में उपस्थित हुये और ये इन सभी शिकायतों में अभी जांच चल रही है।

उल्लेखनीय है कि एसटीएफ ने सुप्रीम कोर्ट के 9 जुलाई 2015 के आदेश पर व्यापम परीक्षा कांड से संबंधित 185 प्रकरण सीबीआई को सौंप दिये थे जबकि एसटीएफ द्वारा दर्ज चार मामलों के प्रकरण भोपाल के न्यायालय में चल रहे हैं। सीबीआई ने भी कोई प्रकरण एसटीएफ को वापस नहीं किया है।

प्रदेश में व्यापम कांड घटित होने पर एसटीएफ को कुल 1500 शिकायतें प्राप्त हुई थीं जिनमें से 780 शिकायतों की जांच करने के बाद 38 अपराध दर्ज किये गये और 588 शिकायतें जिला पुलिस को जांच हेतु एसटीएफ ने भेजीं जिनमें से जिला पुलिस ने 387 शिकायतों की जांच पूरी की और दो मामलों में अपराध दर्ज किया।