'सपनों के शहर' मुंबई का मौसम बदल गया है। लोगों को आखिरकार गर्मी और उमस से राहत मिली है। करीब 13 दिन की देरी के बाद, मॉनसून ने मौसम को सुहावना बना दिया है।बुधवार 24 जून की सुबह हुई भारी बारिश ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून अब मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस बीच, बुधवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के लिए भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कई जगहों पर ज़बरदस्त आंधी-तूफान की भी भविष्यवाणी की गई है।

गौरतलब है कि मुंबई में मॉनसून के आने की आम तारीख 10 जून है। हालांकि, शहर का इतिहास बताता है कि मॉनसून कभी देर से तो कभी जल्दी आता है। उदाहरण के लिए, पिछले साल मॉनसून 26 मई को आया था - जो 75 वर्षों में सबसे जल्दी था। इसके विपरीत, 2019 और 2023 के रिकॉर्ड बताते हैं कि उन वर्षों में मॉनसून 25 जून को आया था।

दिलचस्प बात यह है कि 1981 में भी मॉनसून 23 जून को आया था। मानसून की आवक से मुंबईवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली। जहां लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत ज़रूर मिली, वहीं बारिश ने मुंबई की रफ़्तार एक बार फिर थाम दी है। कई इलाकों में ट्रैफिक जाम देखा गया है, अंधेरी सबवे बंद कर दिया गया है और मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।

वहीं मंगलवार 23 जून को दिल्ली-NCR में मौसम खराब हो गया; दोपहर में तेज़ हवाओं और भारी बारिश की वजह से तापमान में गिरावट आई। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम बदल गया है। दार्जिलिंग में भूस्खलन के कारण सिक्किम जाने वाली सड़क बंद हो गई है। मलबा हटाने का काम चल रहा है और पर्यटकों को फिलहाल दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।