हाल ही में मथुरा से एक लोकल ट्रेन के प्लेटफार्म से टकराने का मामला सामने आया था। अब इस घटना को लेकर एक अपडेट आया है। जांच टीम ने इसके लिए हेल्पर को दोषी पाया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मथुरा ट्रेन हादसे की संयुक्त जांच रिपोर्ट में जांच टीम ने खुलासा किया है, कि हेल्पर सचिन मोबाइल में वीडियो काल पर बिजी था और हल्का नशे में भी था। उसकी लापरवाही इस हादसे का कारण बनी। उसने अपना बैग थ्रॉटल पर रख दिया, जिससे ट्रेन डेड एंड पर मोशन में आ गई और प्लेटफॉर्म पर चढ़ गई।


रिपोर्ट में ट्रेन दुर्घटना के प्राथमिक कारण का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 'क्रू वॉयस एंड वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम' के मुताबिक, जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो सचिन नाम का एक ट्रेन कर्मचारी अपने मोबाइल फोन में कुछ देख रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने लापरवाही से अपना बैग इंजन थ्रोटल पर रख दिया और फिर अपने मोबाइल फोन पर कुछ देखने में व्यस्त हो गया। बैग के दबाव के कारण, थ्रोटल आगे की ओर चला गया, जिसके परिणामस्वरूप ईएमयू प्लेटफ़ॉर्म की ओर बढ़ने लगी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सचिन के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट से पता चला कि वह नशे में थे। मंडल रेल प्रबंधक तेजप्रकाश अग्रवाल ने सचिन समेत पांच लोगों को निलंबित कर दिया है। चारों में से हरभजन सिंह, ब्रजेश कुमार और कुलजीत तकनीकी कर्मी हैं जबकि गोविंद हरि शर्मा लोको पायलट हैं। अग्रवाल ने कहा, "हमने पांच लोगों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि आम तौर पर तकनीशियन डीटीसी कैब (इंजन) की चाबी लेता है लेकिन इस मामले में तकनीशियन ने सचिन को चाबी लेने के लिए भेजा। रिपोर्ट में घटना की संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा गया है कि ट्रेन रात 10.49 बजे मथुरा स्टेशन पहुंची। जब लोको पायलट अपनी ड्यूटी पूरी करके कैब से बाहर आया तो सचिन चाबी लेने के लिए कैब में घुस गया। कैब में बैठने के एक मिनट के अंदर ही वह चलने लगी और उसका आधा हिस्सा प्लेटफॉर्म पर चढ़ गया