भोपाल. जंगल महकमे में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पदस्थ प्रमोटी आईएफएस गरम पूड़ी लाने में 40 मिनट की देरी क्या हुई, उन्होंने अपना आप ही खो दिया. इतना ही नहीं साल भर पहले प्रमोट हुए आईएफएस अधिकारी ने ऐसी ऐसी गालियों की बौछार की, जिसका उल्लेख नहीं किया जा सकता. गाली देने वाले आईएफएस स्वयं मान रहे हैं कि उसने पूरी लाने में 40 मिनट से अधिक देरी की और गुस्से में अशब्द निकल पड़े.

यह घटना रविवार को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हुई. मलाई में 24 अक्टूबर को वन क्षेत्रपाल सुर सिंह कालबेलिया और भोलाराम पदम की विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया था. सम्मान समारोह के बाद वहीं पर सामूहिक भोजन का भी  आयोजन था. कार्यक्रम में देर से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व उपक्षेत्र संचालक संदीप फेलोज भी पहुंचे.

आईएफएस की ठसक में प्रभारी डिप्टी रेंजर एवं इको टूरिज्म में प्रभारी मड़ई लाखन सिंह पटेल को बुलाया और गरमा-गरम पूड़ी लाने का हुक्म में दिया. डिप्टी डायरेक्टर का हुक्म का पालन करने के लिए लाखन पटेल पूड़ी लेने पहुंचा. तब पूड़ी कढ़ाई पर तली जा रही थी. पटेल को अपने साहब को गरमा-गरम पूड़ी पहुंचने में विलंब हो गई.

जब वह पूड़ी लेकर साहब के पास पहुंचा, तब तक  डिप्टी डायरेक्टर आपे से बाहर हो गए थे. सभी कर्मचारियों के सामने प्रमोटी आईएफएस प्रभारी डिप्टी रेंजर को मां-बहन को संबोधित करते हुए भोपाली भाषा में गालियों की बौछार शुरू कर दी. इस हादसे के बाद से ही डिप्टी रेंजर सदमे में है.

इनका कहना

मैंने क्षेत्र संचालक से रिपोर्ट मांगी है उसके बाद कार्रवाई की जाएगी.
आरके गुप्ता वन बल प्रमुख

मैं जांच करके कार्रवाई करूंगा. किसी को भी अपमानित करने का अधिकार नहीं है.
एल कृष्णमूर्ति, क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व

वह पूड़ी लाने में 40 मिनट देरी से आया. मैं साल भर से आईएफएस हूं, वह हमें इग्नोर कैसे कर सकता है. मुंह से गालियां निकल गई अब क्या कर सकते हैं.
संदीप फेलोज उपक्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व