छत्तीसगढ़ में 66 घंटे से बोरवेल में फंसे 10 साल के मासूम राहुल को बचाने के लिए हर जतन कर रहे हैं. राज्य के जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसा राहुल अब सिर्फ 7 फीट दूर रह गया है। राहुल तक पहुंचने के लिए टनल बनाने का काम तेजी से हो रहा है। हालांकि बीच-बीच में चट्टान बाधा बन रही है। इसे देखते हुए बिलासपुर से मशीन मंगवाई गई है। राहुल की सुरक्षा और मिट्टी धसकने के डर को देखते हुए काम की स्पीड कुछ कम कर दी जाती है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अभी भी राहुल को बाहर निकालने में 4 से 5 घंटे लग जाएंगे।
पिहरीद गांव के बोरवेल में गिरे 10 साल के राहुल को करीब 66 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। राहुल बोरवेल में 60 फीट से भी नीचे गड्ढे में फंसा हुआ है। रविवार शाम तक रोबोटिक्स का तरीका फेल हो जाने के बाद रात में टनल के सहारे बाहर निकालने का प्लान बनाया गया। टनल की राह में एक बड़ी चट्टान आ गई है। यहां ज्यादा बड़ी मशीन का उपयोग करने से आसपास कम्पन की संभावना बढ़ जाएगी जिससे राहुल असुरक्षित हो सकता है। इसलिए एक्सपर्ट द्वारा चर्चा करके ही फैसला लिया जा रहा है। रात के समय राहुल सो गया था। मूवमेंट नहीं होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन भी बंद करना पड़ा। इस बीच सुबह करीब 5 बजे जब मूवमेंट हुआ तो राहुल को पीने के लिए फ्रूटी और खाने के लिए केले दिए गए।
अब तक ये हुआ
— शुक्रवार दोपहर 2 बजे के आसपास गायब हुआ। उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। बच्चे को ढूंढने के दौरान माता-पिता को बोरवेल से उसकी आवाज आई। तब डायल 112 को सूचना दी गई। प्रशासनिक अमले को इसकी जानकारी दी। शुक्रवार शाम 5 बजे से राहुल का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम कलेक्टर, एसपी की मौजूदगी में जेसीबी से खुदाई का काम शुरू किया गया। SDRF, NDRF की टीम मौके पर पहुंची। देर रात तक सेना के जवान भी मौके पर पहुंच गए थे। रविवार को रोबोट से निकालने का प्रयास किया गया। ये असफल रहा। माइनिंग एक्सपर्ट को बुलाया गया फिर टनल बनाने का काम शुरू किया।