मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहनेवाले 15 साल के श्रेयस बारमाटे प्रोजेरिया से पीड़ित हैं. वे एक कार्यक्रम में शामिल होने भोपाल आए तो सभी के आकर्षण का केंद्र बन गए। प्रोजेरिया बहुत दुर्लभ लेकिन खतरनाक बीमारी है. 80 लाख बच्चों में से केवल 1 बच्चा इससे पीड़ित होता है. यह लाइलाज बीमारी है जिसमें बच्चे बूढे जैसे हो जाते हैं, उनके शरीर पर झुर्रियां हो जाती हैं और पूरे बाल भी झड़ जाते हैं। श्रेयस तो बचपन से ही इसका दर्द झेल रहे हैं। श्रेयस और पिता से मीडिया ने बात की तो यह तथ्य भी सामने आया कि लाइलाज बीमारी से पीड़ित यह बच्चा कितना हुनरमंद है।
श्रेयस मात्र तीन माह की उम्र में ही प्रोजेरिया से पीड़ित हो गए थे. उनकी ग्रोथ कम हो गई थी, झुर्रियां आने लगीं. साथ के बच्चे उनके साथ खेलने से डरने लगे थे लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया. वे किताबों का अध्ययन करते रहे और संगीत सीखते रहे. इस साल मप्र बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा में वे 82 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण हुए हैं।
श्रेयस अद्भुत प्रतिभा के धनी हैं। वे बहुत अच्छा गाते हैं और संगीत में उपाधि भी ले रहे हैं। श्रेयस संगीत में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं। मशहूर शो कौन बनेगा करोड़पति सहित अन्य कई टीवी और टैलेंट शो में वे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। श्रेयस का मानना है कि वे भी अन्य बच्चों की तरह सब कुछ कर सकते हैं। सन 2017 में उन्हें मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग का एक दिन के लिए अध्यक्ष भी बनाया गया था।
उनके पिता अरविंद बारमाटे बताते हैं कि श्रेयस तीन भाई हैं और दोनों दूसरे भाई पूरी तरह सामान्य हैं. उन्होंने बताया कि परिवार के सभी लोग बचपन से ही श्रेयस की बीमारी पर ध्यान ना देकर उसकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास करने में जुटे हैं। पिता अरविंद का यह भी कहना है कि 80 लाख लोगों में से किसी एक को यह बीमारी होती है, इसलिए मैं अपने बेटे को लाखों में एक मानता हूं।
गौरतलब है कि प्रोजेरिया पर एक फिल्म पा भी बन चुकी हैं। इसमें अभिनेता अभिताभ बच्चन ने प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे की भूमिका निभाई थी। इसके बाद यह बीमारी लोगों के संज्ञान में आने लगीण्