श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर में पानी से जुड़ी दुर्घटना के चलते 3 चचेरी बहनों की मौत हो गई। घटना श्योपुर की है, जहां सीप नदी में नहाने शनिवार को चार बहनें पैर फिसलने के चलते डूबने लगीं। ऐसे में उनमें से एक को तो युवकों ने बचा लिया, लेकिन तीन चचेरी बहनों की मौत हो गई। करीब साढ़े तीन घंटे रेस्क्यू के बाद तीनों के शव निकाले गए। पुलिस ने बताया कि मयापुर हनुमानखेड़ा निवासी पप्पू बैरवा की बेटी आरती (21), छोटी बहन रीना (13), भागचंद की बेटी ललिता (14), फोटूराम की बेटी रानी (10) नहाने गई थीं। ललिता और रानी बहनें थीं यानि पप्पू के भाई की बच्चियां थीं। नदी का जल स्तर बढ़ा तो इनमें एक बच्ची का पैर फिसल गया और डूबने लगी। बचाने के फेर में अन्य तीनों बहनें भी पानी में चली गईं। इनमें से ग्रामीण आरती को ही बचा पाए।

श्योपुर में इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम के साथ ग्रामीणाकी मदद से तीन शव निकाले जा सके। गनीमत रही कि 21 वर्षीय आरती को नदी किनारे मवेशी चरा रहे चरवाहों ने डूबने से बचा लिया। प्रशासन ने मृतक बच्चियों के हरेके परिजनों को 5-5 हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता देने के साथ ही आरबीसी-6 योजना के तहत 4-4 लाख रुपए के प्रकरण स्वीकृत कर दिए हैं।

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। इसके अलावा एसडीएम लोकेन्द्र सरल, जिला पंचायत कराहल सीइओ अभिषेक त्रिवेदी समेत अन्य अधिकारी भी रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद थे। रेस्क्यू टीम घटना की जानकारी लगने के करीब तीन मिनट बाद भी हनुमानखेड़ा पहुंची थी। टीम ने करीब 1.30 बजे ललिता के शव को निकाल लिया और इसके बाद लगातार रेस्क्यू चला। करीब 4 बजकर 20 मिनट पर रीना और फिर रानी का शव भी मिल गया था। शव मिलने के बाद पीएम के लिए जिला अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची।

शनिवार की दोपहर में चारों बहनें नहाने के लिए सीप नदी पहुंची थी। नदी में अचानक जलस्तर बढऩे से नहाने उतरीं रानी और रीना डूबने लगीं तब पास में नहा रही ललिता ने बचाने के लिए हाथ बढ़ाया तो वह भी डूबने लगी। ऐसे में 21 वर्षीय आरती ने बहनों को बचाने का प्रयास किया लेकिन वह भी डूबने लगी। आरती ने मदद के लिए आवाज लगाई तो नदी किनारे मवेशी चरा रहे मानसिंह पुत्र बेनीलाल, सत्यवीर और लोकेंद्र नामक युवकों ने उसकी आवाज सुन ली और नदी में कूदकर आरती को बचा लिया। आरती ने जब बताया कि उसकी बहनें डूब गई हैं तो युवकों ने गांव में आकर सूचना दी।

एक साथ गांव की तीन बेटियों के डूबने की जानकारी लगते ही बैरवा बस्ती में मातम पसर गया है। हर कोई यही कह रहा था कि अभी कुछ देर पहले ही हंसती-खेलती नदी की तरफ यह कहकर गई थीं कि नहाकर आ रहे हैं। लेकिन कुछ ही देर बाद ही यह मनहूस खबर आ गई।